एमपी पुलिस पर छत्तीसगढ़ में एक्सटॉर्शन केस, चौकी प्रभारी लाइन अटैच, दो आरक्षक सस्पेंड

शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की पुलिस एक बार फिर विवादों में है। मध्यप्रदेश और Chhattisgarh की सीमा पर बरना नदी में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई उस समय हिंसक मोड़ ले गई, जब रेत से भरा एक ट्रैक्टर पलट गया और 25 वर्षीय चालक सोनू चक्रवाह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एमपी पुलिस को मौके से खदेड़ दिया। हालात ऐसे बने कि पुलिस वाहन वहीं छूट गया।

जानकारी के मुताबिक शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र की दर्शिला चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक नितिन शुक्ला और राजीव प्रजापति ग्राम रक्षा समिति के सदस्य के साथ बिना वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दिए सीमा पार बरना नदी पहुंच गए थे। आरोप है कि छत्तीसगढ़ सीमा में खड़े रेत से भरे ट्रैक्टर को एमपी क्षेत्र में लाने की कोशिश की गई। इसी दौरान चालक ने विरोध किया और विवाद बढ़ गया। बताया जा रहा है कि झड़प के बीच चालक ट्रैक्टर लेकर भागने लगा, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया और उसकी जान चली गई।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। एमपी पुलिसकर्मी अपनी गाड़ी छोड़कर भाग निकले, जबकि ग्राम रक्षा समिति के सदस्य मधुर जायसवाल को ग्रामीणों ने पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद Chhattisgarh Police ने सीमा पार कार्रवाई करने पहुंचे एमपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्सटॉर्शन का मामला दर्ज कर लिया है। वहीं शहडोल पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दर्शिला चौकी प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया और प्रधान आरक्षक नितिन शुक्ला व राजीव प्रजापति को सस्पेंड कर दिया है।

मामले ने दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और कार्रवाई की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। फिलहाल छत्तीसगढ़ पुलिस दोनों निलंबित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।

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