भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला पूरी तरह पेपरलेस बजट पेश कर दिया गया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है और यह बजट महिला, युवा, किसान और गरीबों को समर्पित है। उन्होंने साफ किया कि कृषि वर्ष होने के कारण इस बार का बजट किसानों के कल्याण पर विशेष रूप से केंद्रित है और इसमें अगले तीन वर्षों की स्पष्ट कार्ययोजना की झलक दिखाई देती है।
सरकार ने गरीबी को केवल आय से नहीं बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे मानकों से भी आंकने की बात कही है। 2047 के दृष्टिपत्र को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं और जिलों की प्राथमिकताओं को भी बजट में स्थान दिया गया है। किसानों के लिए किसान मोबाइल ऐप, उर्वरकों की होम डिलीवरी की शुरुआत और सहकारिता पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। गौशालाओं के लिए अनुदान, देवी अहिल्याबाई विकास कार्य और महानगरों के विकास को भी गति देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार ने किसानों को 3000 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख सोलर पंप देने का लक्ष्य रखा है। मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21 हजार 630 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सिंचाई परियोजनाओं पर 14 हजार 742 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना में 23 हजार 882 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जबकि नारी कल्याण पर कुल 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23 हजार 747 करोड़ और नगरीय विकास के लिए 21 हजार 561 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। भोपाल और इंदौर को 972 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी और बुंदेलखंड के सागर में 1500 एकड़ जमीन पर औद्योगिक पैकेज की घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 1 करोड़ 54 लाख पंजीयन दर्ज हैं, जबकि अटल पेंशन योजना में 46 लाख लोग जुड़े हैं। जनजातीय क्षेत्रों के 11 हजार 277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सड़क और पुलिया निर्माण के लिए 12 हजार करोड़ रुपये, वन एवं पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपये और पीएम आवास योजना के लिए 6 हजार 850 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। आठवीं कक्षा तक के बच्चों को टेट्रा पैक में दूध देने की घोषणा भी की गई है। सरकार का दावा है कि यह केवल घोषणाओं का बजट नहीं बल्कि जमीनी हकीकत में बदलने का संकल्प है और मध्य प्रदेश को किसान कल्याण के स्वर्णिम युग की ओर ले जाने का रोडमैप है।

