छिंदवाड़ा। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए डोंगर परासिया नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनोद मालवी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है, यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर की गई है और पार्टी का कहना है कि विनोद मालवी की गतिविधियों से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा है, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है।
भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि निष्कासन तत्काल प्रभाव से लागू होगा और पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है, किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, नगर पालिका अध्यक्ष के निष्कासन के बाद छिंदवाड़ा जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक बीते कुछ महीनों में विनोद मालवी पर कई विवादों के आरोप लगे थे, उन्होंने पीआईसी में कथित तौर पर अपनी मर्जी से बदलाव करते हुए दो सभापतियों को हटाकर नए सभापति बना दिए थे और इस फैसले में पार्टी संगठन को विश्वास में नहीं लिया गया था, जिसे पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया।
इसके अलावा नगर पालिका के ही एक जनप्रतिनिधि की कथित जासूसी कराने के आरोप सामने आए, इसको लेकर पार्टी संगठन तक शिकायतें पहुंचीं और अंदरखाने नाराजगी बढ़ती चली गई।
एक जनप्रतिनिधि के परिवार के बीच हुई निजी बातचीत का ऑडियो वायरल कराने के आरोप भी विनोद मालवी पर लगे, वहीं कथित आपत्तिजनक बातचीत से जुड़े ऑडियो सामने आने के बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंचा और इसकी जांच भी जारी बताई जा रही है।
इसी दौरान नगर पालिका में कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप भी चर्चा में रहे, नपा उपाध्यक्ष महेश सोमकुंवर ने खुले तौर पर नगरपालिका में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया और सीएमओ से शिकायत कर बिना जांच किसी भी भुगतान पर रोक लगाने की मांग की थी, इन तमाम विवादों और शिकायतों को पार्टी ने संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मानते हुए सख्त कार्रवाई का फैसला लिया और अंततः नगर पालिका अध्यक्ष को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

