भोपाल। भारत के टॉप पोल वॉल्टर और नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव कुमार मीणा के साथ रेलवे स्टाफ की बदसलूकी का मामला अब सुर्खियों में है। 17 जनवरी को महाराष्ट्र के पनवेल रेलवे स्टेशन पर देव मीणा और उनके साथी एथलीट कुलदीप यादव को सिर्फ इसलिए ट्रेन से उतार दिया गया क्योंकि वे अपने खेल का पोल वॉल्ट उपकरण साथ लेकर यात्रा कर रहे थे।
देव मीणा मध्य प्रदेश के खातेगांव तहसील के सिल्फोड़खेड़ा गांव के निवासी हैं और ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स प्रतियोगिता से महाराष्ट्र से भोपाल लौट रहे थे। ट्रेन बदलने के दौरान जब टीटीई और स्टेशन स्टाफ की नजर उनके पोल वॉल्ट उपकरण पर पड़ी, तो उसे स्टील पाइप बताकर असुरक्षित सामान घोषित कर दिया गया। खिलाड़ियों ने अपने मेडल, पहचान पत्र और नेशनल रिकॉर्ड का हवाला देकर समझाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
देव मीणा और कुलदीप यादव को करीब पांच घंटे तक स्टेशन पर रोके रखा गया। इस दौरान देव मीणा ने खुद वीडियो बनाकर पूरी घटना बताई और सवाल उठाया कि अगर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो जूनियर खिलाड़ियों का क्या हाल होगा। आखिरकार मजबूरी में दोनों खिलाड़ियों को 1865 रुपये का जुर्माना भरना पड़ा, तब जाकर उन्हें दूसरी ट्रेन से आगे की यात्रा की अनुमति दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम के कारण खिलाड़ी अपनी मूल ट्रेन से चूक गए और उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही खेल जगत में नाराजगी फैल गई। कई पूर्व खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने रेलवे की नीतियों और खेल उपकरणों के परिवहन नियमों पर सवाल खड़े किए हैं।
मध्य प्रदेश खेल विभाग ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। गौरतलब है कि देव कुमार मीणा ने हाल ही में 5.40 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड बनाकर देश का नाम रोशन किया है। ऐसे होनहार खिलाड़ी के साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि देश के खेल विकास और खिलाड़ियों के सम्मान पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।


