बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कुचायकोट विधानसभा से एक अनोखा और दिल छू लेने वाला नज़ारा सामने आया है। यहां कर्णपुरा गांव की जनता ने एनडीए प्रत्याशी अमरेंद्र पांडेय, जिन्हें लोग प्यार से पप्पू पांडेय कहते हैं, का ऐसा सम्मान किया कि पूरा इलाका इस घटना की चर्चा में डूब गया।
गांव के लोगों ने अपने नेता को पूरे 1 क्विंटल दूध से नहलाया, उन्हें पियरी यानी पीले रंग की धोती-कुर्ता पहनाई और सिर पर चांदी का मुकुट सजाकर तीर-धनुष भेंट किया। यह दृश्य किसी चुनावी सभा से ज्यादा एक आस्था भरे पर्व जैसा लग रहा था।
ग्रामीणों ने बताया कि यह कार्यक्रम राजनीति नहीं, बल्कि प्रेम और सम्मान का प्रतीक था। लोगों ने कहा — “पप्पू पांडेय हमारे बीच के नेता नहीं, बल्कि हमारे महादेव हैं, हमारे श्रीराम हैं।” जैसे भगवान को दूध से स्नान कराया जाता है, वैसे ही उन्होंने अपने प्रिय नेता को आशीर्वाद और स्नेह से नहलाया। यह देखकर हर कोई भावुक हो गया।
चारों ओर “जय पप्पू पांडेय” और “जनता के महादेव अमर रहें” के नारे गूंज रहे थे। महिलाएं आरती की थाल लेकर खड़ी थीं, और युवक ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते नज़र आए। पूरा माहौल भक्ति और जोश से भर गया।
पप्पू पांडेय खुद भी इस स्नेह से अभिभूत दिखे। उन्होंने कहा — “जनता ही मेरा भगवान है। आज जो प्रेम और आशीर्वाद मिला है, वह मेरे जीवन का सबसे बड़ा पुरस्कार है। तीर-धनुष सिर्फ प्रतीक नहीं, यह जनता के विश्वास का प्रतीक है। मैं इस भरोसे को कभी टूटने नहीं दूंगा और उनके लिए हर संभव काम करूंगा।”
उन्होंने आगे कहा — “चुनाव तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन जनता का दिल जीतना ही असली जीत है। मैं जनता की सेवा को ही अपना धर्म मानता हूं।”
गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी कहा कि पप्पू पांडेय हमेशा उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहे हैं, और यही वजह है कि आज पूरा गांव उनके सम्मान में उमड़ पड़ा।
कर्णपुरा में हुआ यह सम्मान समारोह अब चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। इसने यह साबित कर दिया कि राजनीति सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि विश्वास और रिश्ते का बंधन भी है। जनता के सच्चे स्नेह और नेता के विनम्र भाव ने इस चुनावी माहौल में एक अलग ही मिसाल पेश कर दी है।

