बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक, एनडीए और महागठबंधन दोनों ओर से ताबड़तोड़ रैलियों का दौर जारी है। इसी बीच आज यानी 30 अक्टूबर को एनडीए अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी करने जा रहा है, जिसे “संकल्प पत्र” नाम दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक इस संकल्प पत्र को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जारी करेंगे, और इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा समेत एनडीए के सभी प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे।
एनडीए का यह घोषणापत्र जनता के सुझावों पर आधारित बताया जा रहा है। पूरे बिहार में सुझाव अभियान चलाया गया था, जिसमें लोगों से रोजगार, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और विकास से जुड़े विचार मांगे गए। इन्हीं लाखों सुझावों को ध्यान में रखकर इस संकल्प पत्र को तैयार किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों पर विशेष ध्यान दिया गया है। महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कई योजनाएं शामिल की जा सकती हैं — जैसे कि 10,000 रुपये की सहायता राशि से स्वरोजगार शुरू करने की योजना, सफल उद्यमियों को 2 लाख रुपये तक का विस्तार ऋण, और विधवा महिलाओं के लिए पेंशन की सुविधा। इसके साथ ही उच्च शिक्षा में महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण का भी ऐलान संभव है।
युवाओं के लिए एनडीए बेरोजगारी भत्ता योजना शुरू करने का वादा कर सकती है। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नए रोजगार अवसरों को बढ़ावा देने की बात कही जाएगी। साथ ही स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्लस्टर और नई निवेश नीति की घोषणा की जा सकती है।
किसानों के लिए भी एनडीए ने कई नई पहलें तैयार की हैं। कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए स्थानीय बाजार और इकाइयों को मजबूत किया जाएगा, और एग्रो-बिजनेस क्लस्टर के ज़रिए ग्रामीण इलाकों में रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाए जाएंगे।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर भी घोषणापत्र में बड़े वादे हो सकते हैं। सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई से जुड़ी योजनाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
एनडीए का यह संकल्प पत्र “सुरक्षा, विकास और सबका साथ” की थीम पर आधारित होगा। इसमें नीतीश कुमार सरकार की पिछली उपलब्धियों का भी जिक्र होगा — चाहे वो महिला सशक्तिकरण हो, शिक्षा सुधार हो या सड़क और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए बड़े काम।
आज का दिन बिहार की राजनीति के लिए अहम साबित हो सकता है, क्योंकि इस संकल्प पत्र के ज़रिए एनडीए जनता के सामने यह संदेश देना चाहता है कि अगर राज्य में स्थिरता और निरंतर विकास चाहिए — तो एनडीए ही सबसे भरोसेमंद विकल्प है।

