बिहार में NDA की वापसी की तैयारी, शाह की रणनीति से गरमाई राजनीति, केंद्रीय गृह मंत्री ने गठबंधन नेताओं से की मुलाकात

पटना। बिहार की सियासत इन दिनों बेहद गर्म है… और इस गर्मी के केंद्र में हैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। तीन दिनों के बिहार दौरे पर पहुंचे शाह ने शनिवार को अपने दौरे के तीसरे दिन पटना में कई अहम मुलाकातें कीं, जिनमें सबसे चर्चित रही उनकी चिराग पासवान से बैठक। दोनों नेताओं ने होटल मोर्या में मुलाकात कर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की। चिराग पासवान ने बाद में कहा — “महागठबंधन में सिर्फ कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन है, जबकि एनडीए साफ सोच और एकजुट रणनीति के साथ मैदान में उतर रहा है।”

आज अमित शाह भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं, जिसमें जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को बुलाया गया है। इस मीटिंग में चुनावी तैयारियों की समीक्षा और गठबंधन की तालमेल रणनीति पर फोकस रहेगा।

शाह के इस दौरे से बिहार की राजनीति में नई हलचल मच गई है। शुक्रवार को उन्होंने पटना के ज्ञान भवन में प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरजेडी पर करारा हमला बोला था। शाह ने कहा — “लालू प्रसाद यादव अब नए चेहरे में पुराने जंगलराज को वापस लाना चाहते हैं, लेकिन बिहार की जनता अब जाग चुकी है और इस बार ऐसा नहीं होने देगी।”

अमित शाह ने अपने भाषण में बिहार के विकास को तीन चरणों में बाँटकर समझाया। उन्होंने कहा — बिहार 1.0 नीतीश कुमार के सुशासन का दौर था, बिहार 2.0 में नीतीश और मोदी की जोड़ी ने राज्य में विकास की नई गाथा लिखी — पुल, एयरपोर्ट, AIIMS, सड़कें और बिजली व्यवस्था सब मजबूत हुईं। और अब बिहार 3.0 की बारी है — जहाँ उद्योग और रोजगार बिहार के हर घर तक पहुंचेंगे। शाह ने कहा कि NDA सरकार बनी तो “हर हाथ को काम और हर परिवार को सम्मान” मिलेगा।

छपरा में शाह ने नामांकन रैली को संबोधित करते हुए लालू परिवार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा — “बिहार को फिर से जंगलराज में नहीं धकेला जा सकता। लालू परिवार को अब और मौका नहीं मिलना चाहिए।” मंच से शाह ने जनता से NDA को वोट देने का संकल्प भी दिलवाया। उन्होंने पूछा — “RJD ने शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट दिया है… क्या ऐसे हाथों में बिहार सुरक्षित रहेगा?”

शाह ने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से मुक्त किया है, और अब जनता को तय करना है कि वो स्थिरता और विकास चाहती है या अराजकता और भ्रष्टाचार। आतंकवाद पर मोदी सरकार के सख्त रवैये का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “पहले आतंकवादी खून की होली खेलते थे, अब मोदी सरकार में सीमा पार भी जवाब मिलता है।”

उन्होंने धार्मिक विकास की बात करते हुए बताया कि “राम मंदिर के बाद अब बिहार के पुनौराधाम में सीता माता का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है।”
शाह ने आत्मविश्वास भरे अंदाज़ में कहा कि “NDA 14 नवंबर के बाद बीते 20 वर्षों का सबसे बड़ा बहुमत लेकर सत्ता में लौटेगा।”

सुबह शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की। दोनों के बीच लगभग 15 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें आगामी चुनावी सभाओं की रूपरेखा और रणनीति पर चर्चा हुई।

वहीं, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी महागठबंधन पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा — “विपक्षी दल इतने भ्रम में हैं कि यह तय ही नहीं कर पा रहे हैं कि एनडीए के खिलाफ किसे उतारा जाए। कई नेता तो मान चुके हैं कि टिकट मिले या न मिले, हार तय है।”

नित्यानंद राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास” के मंत्र से देश में विकास की लहर दौड़ रही है, और यही लहर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक वापसी तय करेगी।

बिहार में अब सियासी जंग अपने चरम पर है, और अमित शाह की रणनीति ने इस जंग को और भी दिलचस्प बना दिया है।

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