इंदौर। मानपुर फार्महाउस जुआकांड अब पुलिस कार्रवाई से आगे बढ़कर कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है, जहां वंदना वैद्य के फार्महाउस पर जुआ पकड़े जाने के मामले में सस्पेंड टीआई लोकेंद्र सिंह हिहोरे ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बड़ा आरोप लगाया है कि उन्हें सिर्फ इसलिए सस्पेंड किया गया क्योंकि उन्होंने एफआईआर में सही जगह और सही नाम दर्ज करने से इनकार नहीं किया
टीआई का कहना है कि घटना के बाद उन पर लगातार दबाव बनाया गया कि एफआईआर से फार्महाउस का नाम हटाया जाए और लोकेशन बदली जाए, लेकिन उन्होंने नियमों का पालन करते हुए सही जानकारी दर्ज की, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया, अब इस मामले में कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह विभाग, डीजीपी, आईजी ग्रामीण, एसपी ग्रामीण, एडिशनल एसपी और एसडीओपी को पक्षकार बनाते हुए जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 1 अप्रैल को तय की गई है
याचिका में टीआई ने साफ आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई प्रशासनिक दबाव में आकर की गई है और यह शक्तियों का दुरुपयोग है, उन्होंने यह भी कहा कि जांच ऐसे अधिकारी को सौंपी गई जो उनके वरिष्ठों के अधीन काम करता है, जिससे निष्पक्ष जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं
मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है, जहां एएसआई रेशम गिरवाल को भी सस्पेंड कर दिया गया, जबकि वे घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद ही नहीं थीं और बीमारी के चलते छुट्टी पर थीं, टीआई ने इसे बिना जांच और बिना विवेक के लिया गया फैसला बताया है
टीआई का यह भी कहना है कि जब जुआ पकड़ने की कार्रवाई की गई तब उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि यह फार्महाउस आईएएस अधिकारी का है, लेकिन बाद में जब यह बात सामने आई तो उन पर फोन और मैसेज के जरिए दबाव बनाया गया, बावजूद इसके उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया
गौरतलब है कि 10 और 11 मार्च की रात मानपुर स्थित फार्महाउस पर जुआ पकड़े जाने के बाद यांगचेन डोलकर भाटिया ने टीआई लोकेंद्र सिंह हिहोरे, एसआई मिथुन ओसारी और एएसआई रेशम गिरवाल को सस्पेंड कर दिया था, अब यह पूरा मामला हाईकोर्ट में पहुंच चुका है और 1 अप्रैल की सुनवाई को इस केस में बड़ा मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार सस्पेंड टीआई ने खुलकर आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई नियमों के तहत नहीं बल्कि दबाव में की गई है

