धीरेंद्र शास्त्री की अपील पर साध्वी हर्षानंद का पलटवार! बोलीं- ‘आश्रम खुद सुरक्षित नहीं तो भक्त वहां क्यों जाएं?’
भोपाल। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आश्रम में आने वाली महिलाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान के बाद अब साध्वी हर्षानंद गिरि की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साध्वी ने आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और कहा कि यदि किसी आश्रम में आने वाले लोगों को खुद अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, तो ऐसे स्थान पर जाने को लेकर लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।
‘जब आश्रम खुद सुरक्षित नहीं तो भक्त कैसे भरोसा करें?’
वायरल बयान में साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन आश्रम की सुरक्षा को लेकर सामने आ रही बातों पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी संत को अपने ही आश्रम के सेवादारों पर भरोसा नहीं है और महिलाओं से अनजान लोगों पर भरोसा न करने की अपील की जा रही है, तो भक्त उस आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था पर कैसे भरोसा करेंगे।
साध्वी ने कहा कि श्रद्धालुओं को यह भरोसा होना चाहिए कि वे किसी धार्मिक स्थल पर जाएं तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी वहां की व्यवस्था की होगी।
‘हर आश्रम बुरा नहीं होता’
साध्वी हर्षानंद गिरि ने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि हर आश्रम खराब होता है। हालांकि, उन्होंने लोगों को सलाह दी कि यदि किसी स्थान की सुरक्षा को लेकर लगातार आशंका बनी हुई है तो वहां रुकने के बजाय मंदिर में दर्शन कर अपने घर लौटना बेहतर है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के लिए किसी आश्रम में लंबे समय तक रुकना जरूरी नहीं है। लोग अपने घर पर रहकर भी पूजा-पाठ और मंत्र जाप कर सकते हैं।
आश्रम की व्यवस्था पर उठाए सवाल
साध्वी ने अपने बयान में आश्रमों की आंतरिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि आश्रम चलाने वाले लोग ही वहां की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, तो आम श्रद्धालुओं को ऐसी व्यवस्था में पड़ने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने लोगों से धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने की बात कही।
बयान के बाद संत समाज में चर्चा तेज
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सुरक्षा संबंधी अपील और उसके बाद साध्वी हर्षानंद गिरि की प्रतिक्रिया ने धार्मिक और आध्यात्मिक हलकों में चर्चा को बढ़ा दिया है। एक ओर श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी ओर आश्रमों में सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बयान को लेकर दोनों पक्षों की बातों पर चर्चा जारी है। साध्वी हर्षानंद गिरि की ओर से उठाए गए सवालों का केंद्र आश्रमों में आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है।