पटना। बिहार में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद अब पटना के गांधी मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ पूरी रफ्तार से चल रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद आज डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और प्रमुख सचिव के साथ गांधी मैदान पहुंचे और पूरे समारोह स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मंच, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा के इंतजाम से लेकर हर उस तैयारी की जांच की गई जिससे शपथ ग्रहण समारोह भव्य और सुरक्षित तरीके से सम्पन्न हो सके।
इस बार कार्यक्रम की खास बात यह है कि शपथ ग्रहण में कई बड़े केंद्रीय नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति की पुष्टि लगभग तय मानी जा रही है। उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस समारोह का हिस्सा बनेंगे। वहीं बीजेपी शासित प्रदेशों के कई मुख्यमंत्री जैसे उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस समेत कई अन्य शीर्ष नेता भी मंच पर मौजूद रहेंगे।
अब तक की तैयारियों के मुताबिक गांधी मैदान को तीन-स्तरीय सुरक्षा घेराबंदी में रखा गया है। पुलिस, स्पेशल फोर्स और NSG कमांडो हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी तरह की चूक न हो सके। भारी भीड़, वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को अधिक सतर्कता के साथ लागू किया है।
शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए के सहयोगी दलों के बड़े नेता भी शामिल होंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, एलजेपी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान, हम पार्टी के जीतन राम मांझी, रालोपा के उपेंद्र कुशवाहा और अन्य सहयोगी दलों के वरिष्ठ चेहरे इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे, जो एनडीए की एकजुटता और मजबूती का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
नीतीश कुमार की अगुवाई में होने वाला यह समारोह सिर्फ एक शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि बिहार में नई सरकार की शुरुआत का शक्तिशाली संदेश देने के लिए तैयार है।

