पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आज एक अनोखा और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और एनडीए के तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी में नीतीश कुमार ने शपथ लेकर एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। शपथ के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पीएम मोदी के पैर छूने के लिए आगे बढ़े, लेकिन PM मोदी ने उन्हें रोककर मुस्कुराते हुए शुभकामनाएं दीं।
इसके तुरंत बाद मंच पर दूसरा नाम आया सम्राट चौधरी का, जिन्होंने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके बाद विजय कुमार सिन्हा ने भी डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ग्रहण किया। समारोह इतना भव्य था कि मंच पर पहुंचते ही चिराग पासवान ने जेपी नड्डा और जीतनराम मांझी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
गांधी मैदान में हजारों की भीड़ और मंच पर एक साथ 11 राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे—हरियाणा, असम, गुजरात, मेघालय, उत्तर प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, दिल्ली और राजस्थान के मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक मौके के गवाह बने। यह समारोह बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
नीतीश कुमार के साथ आज कुल 25 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें शामिल हैं—
बीजेपी से:
सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल, नितिन नबीन, रामकृपाल यादव, संजय सिंह ‘टाइगर’, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेंद्र पासवान, श्रेयसी सिंह और डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी।
जेडीयू से:
विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, विजेंद्र यादव, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, जमा खान और मदन सहनी।
अन्य दलों से:
संजय कुमार पासवान (LJP), संजय सिंह (LJP), संतोष कुमार सुमन (HAM) और दीपक प्रकाश (RML)।
शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद नेताओं की भीड़, जनता का उत्साह, और सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह पूरा आयोजन बिहार के भविष्य के लिए एक मजबूत संदेश देता है—कि प्रदेश एक बार फिर एनडीए के नेतृत्व में विकास की नई राह पर आगे बढ़ने जा रहा है।
इतिहास रचते हुए नीतीश कुमार ने आज साफ कर दिया कि उनका राजनीतिक सफर अभी और भी नए मुकाम हासिल करेगा, और बिहार आने वाले वर्षों में देश के विकास मानचित्र पर और मजबूत पहचान दर्ज करेगा।

