गांव स्थित राज्यकीय उच्च विद्यालय परिसर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
सभा में उमड़ी भारी भीड़ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंच पर राजगीर विधायक कौशल किशोर समेत कई स्थानीय नेता मौजूद थे।
नीतीश कुमार ने अपने पुराने तेवर में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा — खासकर लालू परिवार पर। उन्होंने कहा, “2005 से पहले का बिहार याद है आपको? न सड़क थी, न बिजली, न शिक्षा। लोग डर के माहौल में जीते थे। लेकिन हमारी सरकार बनी, तो बिहार ने विकास की राह पकड़ी। आज गांव-गांव सड़कें हैं, हर घर में बिजली है, बच्चे स्कूल जा रहे हैं, और कानून व्यवस्था पर भरोसा लौटा है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनका मकसद सत्ता नहीं, सेवा है।
उन्होंने जनता से अपील की — “राजगीर के विधायक कौशल किशोर को दोबारा मौका दीजिए। ताकि विकास की रफ्तार और तेज़ हो सके। हमारी सरकार ने जो योजनाएं शुरू की हैं, वे अब ज़मीन पर दिखने लगी हैं — और आने वाले समय में इससे भी बड़े काम होंगे।”
सभा में नीतीश कुमार ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं — “राज्य में 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है, पेंशन राशि बढ़ाई गई है, और अब हर घर की छत पर सोलर प्लेट लगाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। 2005 से पहले लोग शाम को घर से निकलने से डरते थे, लेकिन आज बेटियां भी रात में सुरक्षित घर लौट सकती हैं। यह बदलाव सुशासन की देन है।”
इसी दौरान विधायक कौशल किशोर ने भी मंच से तेजस्वी यादव पर पलटवार किया। उन्होंने कहा — “जो लोग आज नौकरी की बात करते हैं, जनता उन्हें याद दिला दे कि लैंड फॉर जॉब घोटाला अब भी उनकी छाया बनकर साथ चल रहा है। बिहार अब भ्रष्टाचार नहीं, विकास चाहता है।”
सभा के अंत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता से कहा — “हमने बिहार को बदलने का जो वादा किया था, उसे निभाया है। और यह यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। बिहार आगे बढ़ेगा, सुशासन के रास्ते पर।”
तालियों की गूंज, नारों की आवाज़ और जनता के जोश ने राजगीर की इस शाम को एक चुनावी उत्सव में बदल दिया —
जहां एक तरफ नीतीश कुमार ने विकास की बात की, तो दूसरी ओर जनता ने साफ संकेत दे दिया —
“बिहार अब ठहरना नहीं चाहता, आगे बढ़ना चाहता है।

