बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की हलचल पूरे राज्य में जोरों पर है। प्रशासन वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है, लेकिन पूर्वी चंपारण के एक गांव से आई खबर ने सबको चौंका दिया है। यहां के लोगों ने वोट डालने से साफ इंकार कर दिया है, और गांव के दरवाजे पर टांग दिया है एक चेतावनी भरा बैनर — “रोड नहीं तो वोट नहीं।”
यह गांव जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर, बंजरिया प्रखंड के गोबरी गांव में स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि सालों से नेताओं ने सिर्फ वादे किए, लेकिन सड़क अब तक नहीं बनी। नतीजा यह है कि बारिश के मौसम में गांव की हालत ऐसी हो जाती है कि सड़क पर नाव चलती है।
ग्रामीण बताते हैं कि सड़क इतनी गहरी और टूटी हुई है कि बरसात में तीन महीने तक गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है, बीमारों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है।
लोगों का कहना है — “जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक वोट नहीं देंगे। नेता सिर्फ वादे करते हैं, लेकिन अब हमारे सब्र का बांध टूट चुका है।”
गांव में जगह-जगह बैनर लटकाए गए हैं और किसी भी प्रत्याशी को गांव में घुसने की अनुमति नहीं है। लोगों ने साफ कह दिया है कि जब तक सड़क नहीं बनती, तब तक कोई भी नेता इस गांव में कदम न रखे।
यह विरोध सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि एक चेतावनी है — कि विकास के बिना अब भरोसा नहीं बिकेगा। गोबरी गांव की यह आवाज अब पूरे बिहार में गूंज रही है — “रोड नहीं तो वोट नहीं।”

