विश्वास और अभ्यास है तो कुछ भी हासिल करना मुश्किल नहीं, मानसराेवर समूह के आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में दीक्षांरभ में बोले, कवि संदीप द्विवेदी

भोपाल: मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के तीनों आयुर्वेद महाविद्यालयों, मानसरोवर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, श्री साईं इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक रिसर्च एंड मेडिसिन और फैकल्टी ऑफ आयुर्वेदा, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी में जारी दीक्षांरभ 2025 में शनिवार को कवि, मोटिवेशनल स्पीकर सहित आयुष मंत्रालय से आए विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन हिनोतिया आलम स्थित मानसरोवर प्रांगण में किया गया जिसमें नवप्रवेशित भावी वैद्यों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का शुभारंभ मोटिवेशनल स्पीकर और कवि संदीप द्विवेदी ने विद्यार्थियों को सक्सेस टिप्स देते हुए किया। वहीं द्वितीय सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि इंचार्ज डिप्टी डायरेक्टर, डायरेक्टरेट ऑफ आयुर्वेदा डॉ. पंकज गुप्ता, इंचार्ज जॉइंट डायरेक्टर, डायरेक्टरेट आयुष डॉ. राजेंद्र कुमार गुप्ता और मुख्य अतिथि एडीशनल मैनेजिंग डायरेक्टर, वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन डॉ. बृजेश सक्सेना द्वारा किया गया। मोटिवेशनल स्पीकर और कवि संदीप द्विवेदी ने विद्यार्थियों को पांच सूत्रों के माध्यम से सक्सेस पाने के उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को कर्ण जैसा भाव रखने की सीख देते हुए कहा कि विश्वास और अभ्यास है तो जीवन में कुछ भी हासिल करना मुश्किल नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता के मार्ग में अहंकार, आलस्य और अवसाद भी बाधा बनते हैं।

इसी क्रम में डॉ. बृजेश गुप्ता ने विद्यार्थियों को आयुर्वेद सहित अन्य क्षेत्रों में भी आयुर्वेद के विद्यार्थियों के लिए अवसर के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आयुर्वेद में शोध सहित यूपीएससी और एमपीपीएसीस के क्षेत्र में भी असीम संभावनाओं पर प्रकाश डाला। डॉ. राजेंद्र कुमार गुप्ता ने आयुष विभाग की विभिन्न योजनाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराते हुए पंचकर्म की गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की। इसी क्रम में डॉ. पंकज गुप्ता ने ग्लोरी ऑफ आयुर्वेदा इन ग्लोबल हेल्थ विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि आज हॉस्पिटल जाने से लोग बचते हैं लेकिन वेलनेस सेंटर हर कोई जाना चाहता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन का महत्व बताते हुए कहा कि आप क्या पढ़ते हैं इससे ज़्यादा ज़रूरी है कि आप कैसे पढ़ते हैं। इससे पहले एग्रीकल्चर डीन डॉ. देवेश पाण्डेय ने आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न वनस्पतियों के विषय में विद्यार्थियों को बताया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री साईं इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक रिसर्च एंड मेडिसिन की प्राचार्या डॉ. मनीषा राठी सहित डॉ. विकास जैन, डॉ. प्रकाश सिंह, डॉ. मनीष लधवे, डॉ. पवन शर्मा आदि प्राध्यापक गण और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण मौजूद रहे।

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