इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में ऑनलाइन ठगों ने आस्था और डर को हथियार बनाकर एक पढ़े-लिखे सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपना शिकार बना लिया। यह मामला सिर्फ पैसों की ठगी का नहीं, बल्कि विश्वास, मानसिक दबाव और आस्था के साथ किए गए छल की कहानी है। पीड़ित युवक एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जो रोज की तरह इंस्टाग्राम चला रहा था, तभी उसकी नजर एक एस्ट्रोलॉजिस्ट के आकर्षक विज्ञापन पर पड़ी, जिसमें जीवन की परेशानियां दूर करने और भविष्य संवारने के दावे किए गए थे।
पहले से तनाव में चल रहे युवक ने उस विज्ञापन पर भरोसा कर संपर्क किया। सामने वाला खुद को बड़ा बाबा बताने लगा और जन्म से जुड़ी जानकारी लेकर कुंडली देखने का नाटक किया। कुछ ही देर में बाबा ने डर का माहौल बनाना शुरू कर दिया। कुंडली में गंभीर दोष, नौकरी और परिवार पर संकट और बड़े अनहोनी की बातें कहकर युवक को मानसिक रूप से तोड़ दिया गया। बाबा ने कहा कि अगर तुरंत विशेष पूजा और हवन नहीं कराया गया, तो भारी नुकसान हो सकता है।
डर और आस्था के बीच फंसा युवक उसकी बातों में आ गया। पूजा सामग्री, विशेष अनुष्ठान और दोष निवारण के नाम पर एक के बाद एक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करवाए गए। कभी नई पूजा बताकर, तो कभी अधूरी पूजा का हवाला देकर लगातार पैसे मांगे जाते रहे। इस तरह धीरे-धीरे युवक के खाते से कुल 6 लाख 20 हजार रुपये निकल गए।
जब पैसे खत्म हो गए और फिर भी मांगें जारी रहीं, तब युवक को एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हो चुकी है। जिस बाबा पर उसने भरोसा किया था, वह असल में एक शातिर ऑनलाइन ठग निकला। खुद को संभालते हुए पीड़ित ने इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और जिन तीन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी, उन्हें तुरंत ब्लॉक कर दिया गया।
फिलहाल इंदौर क्राइम ब्रांच पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और ठगों की पहचान, उनके नेटवर्क और सोशल मीडिया के जरिए चल रहे इस आस्था के कारोबार को उजागर करने की कोशिश जारी है। यह मामला एक बड़ी चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले चमत्कारों, बाबाओं और ज्योतिष के दावों से सावधान रहें, क्योंकि इनके पीछे अक्सर आस्था नहीं, बल्कि ठगी की साजिश छुपी होती है।

