इछावर। बिलकिसगंज रोड स्थित बहुचर्चित पनीर फैक्ट्री एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है कि फैक्ट्री का मालिक जेल में होने के बावजूद अंदर मिलावट का खेल बदस्तूर जारी है, बाहर मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ है लेकिन पीछे के रास्तों से मजदूरों, गाड़ियों और कच्चे माल की आवाजाही लगातार बनी हुई है
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के मालिक किशन मोदी को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने 20 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग और मिलावटखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है, लेकिन इसके बावजूद फैक्ट्री बंद नहीं हुई बल्कि नया तरीका अपनाकर फिर से चालू कर दी गई, जांच में सामने आया है कि प्रशासन की नजर से बचने के लिए फैक्ट्री का नाम बदल दिया गया है, जो पहले जयश्री गायत्री फूड के नाम से जानी जाती थी, उसे अब हेल्थ ब्रिज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित किया जा रहा है
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामने का गेट जानबूझकर बंद रखा जाता है ताकि लगे कि फैक्ट्री सील है, जबकि अंदर दूध, घी और पनीर जैसे उत्पादों की पैकिंग का काम दिन-रात जारी है, जब इस पूरे मामले की जानकारी लेने की कोशिश की गई तो सुरक्षा गार्डों ने किसी को अंदर जाने नहीं दिया, जिससे शक और गहरा हो गया
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पहले कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री की बिजली भी काट दी गई थी, इसके बावजूद अंदर काम चल रहा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है और बिना बिजली के इतनी बड़ी यूनिट कैसे संचालित हो रही है
दरअसल यह पूरा मामला 20 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी से जुड़ा है, जहां जांच में सामने आया था कि कंपनी दूध के प्राकृतिक फैट की जगह हानिकारक पाम ऑयल और केमिकल्स का इस्तेमाल कर रही थी, इतना ही नहीं विदेशों में निर्यात के लिए फर्जी लैब रिपोर्ट तक तैयार की गई थी, ईडी ने करीब 20.59 करोड़ रुपये को अपराध की कमाई घोषित किया है
वहीं फूड विभाग का कहना है कि पिछली कार्रवाई में फैक्ट्री बंद मिली थी और अब दोबारा कैसे शुरू हुई इसकी जानकारी नहीं है, विभाग ने जांच के लिए टीम भेजने और सैंपल लेने की बात कही है, फिलहाल यह मामला कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है और पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आना बाकी है

