धार। बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री धार पहुंचे जहां उन्होंने जैन धर्म और हिंदू धर्म को एक बताते हुए जैन समुदाय को सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा बताया और कहा कि अगर कोई कट्टर हिंदू है तो वह जैन ही है, उनके इस बयान के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
मोहनखेड़ा जैन तीर्थ पहुंचते ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दादा गुरुदेव के दर्शन किए और तीर्थ ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया, इसके बाद मंच पर पहुंचकर मुंबई से आए ट्रस्टी और कार्यक्रम आयोजकों ने भी उनका अभिनंदन किया, इस दौरान अयोध्या के हनुमानगढ़ी के राजू महाराज भी उनके साथ मौजूद रहे, जहां वह प्रवचन देने पहुंचे थे।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि परमात्मा खो जाने से प्राप्त होते हैं और जब इंसान भीतर की यात्रा करता है तो वही उसे तार देती है, मोहनखेड़ा तीर्थ में आदिनाथ ऋषभदेव जी के दर्शन कर उन्होंने इस क्षेत्र को दादा दयालु हनुमान जी की तपोभूमि बताते हुए सनातनी परंपरा की व्यापकता का उल्लेख किया।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में सनातन परंपरा की जड़ें गहरी हैं और इस क्षेत्र में हो रही गौ सेवा की निष्ठा अद्भुत है, उन्होंने 15 फरवरी को होने वाले कन्या विवाह कार्यक्रम का आमंत्रण देते हुए सामाजिक समरसता और सेवा भाव को मजबूत करने की अपील की।
उन्होंने सनातनियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जैन और हिंदू एक ही हैं, संत समाज भी एक रहे और सनातनी समाज भी आपसी मतभेद भूलकर एक मंच पर आए, क्योंकि एकता से ही समाज और संस्कृति की ताकत बढ़ती है।

