पूर्णिया सांसद पप्पू यादव जिले के रहुई प्रखंड के शिवनंदन नगर पहुंचे, जहां 26 नवंबर को हुई बुलडोजर कार्रवाई में 8 परिवारों के घर पलभर में मलबे में बदल गए। टूटे घरों के बीच बिखरी बच्चों की किताबें, बुजुर्गों के बिछौने और महिलाओं के टूटे बर्तन देखकर हालात इतने दर्दनाक थे कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। परिवारों ने बताया कि प्रशासन अब 100 से ज्यादा ग्रामीणों को फिर नोटिस देकर अतिक्रमण हटाओ अभियान की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि वे 65 साल से यहां रहते आ रहे हैं, तो क्या उनके जीवन भर की कमाई और यादों की भी कोई कीमत नहीं?
ऐसे माहौल में पप्पू यादव ने साफ शब्दों में कहा कि अगर 5 दिसंबर को दोबारा बुलडोजर आया तो वह सबसे पहले उनके शव पर से होकर गुजरेगा। उन्होंने ये भी ऐलान किया कि वह उस दिन पूरा समय गांव में ही रहेंगे। सांसद ने मौके पर मौजूद सभी 8 प्रभावित परिवारों को 10-10 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता दी और सरकार से मांग की कि 65 साल से बसे परिवारों को न उजाड़ा जाए, हर परिवार को 5 डिसमिल जमीन दी जाए और आवास निर्माण के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाए। साथ ही गांव में सड़क, बिजली और आवास पर पहले से खर्च सरकारी फंड को व्यर्थ न जाने देने की भी मांग उठाई।
औरंगाबाद की गोलीकांड घटना को लेकर भी पप्पू यादव ने डबल इंजन की सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक विधायक की फोटो स्टेटस पर लगाने की वजह से एक युवक को गोली मार देना इस सरकार की असफलता का बड़ा प्रमाण है। उनके अनुसार बिहार में गरीब और आम आदमी सुरक्षित नहीं है, अपराधी अब जाति देखकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, और अगर राजनीति आम जनता के खिलाफ होगी तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे।

