PCC चीफ जीतू पटवारी का बड़ा बयान, बोले- हर कलेक्टर चोर, भ्रष्टाचार पर सीधा हमला

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तीखा बयान दिया है। संभागीय ब्लॉक अध्यक्षों की बैठक में उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। वार्ड, पंचायत और मंडल कांग्रेस कमेटियों का गठन किया जा रहा है और अब तक करीब सात हजार पंचायत कमेटियों का गठन पूरा हो चुका है। ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को बुलाकर संगठनात्मक काम को गंभीरता से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

SIR के तहत मुस्लिम वोट काटे जाने के मुद्दे पर जीतू पटवारी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि बीजेपी ने अपने मंत्रियों को वोट की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। अब तक करीब 11 लाख आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि बीजेपी के दबाव में आकर कोई गलती की गई तो FIR दर्ज कराई जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। पटवारी ने साफ कहा कि जिले में यदि किसी तरह की अनियमितता पाई गई तो कलेक्टर के खिलाफ भी FIR दर्ज कराई जाएगी।

महू में दूषित पानी के मामले पर बोलते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में 25 साल से बीजेपी की सरकार है, लेकिन अभी तक पीने योग्य पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी के राज्य में पानी में जहर मिलाकर 25 लोगों की हत्या जैसी स्थिति पैदा हो गई। एनजीटी के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का 70 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं है। कांग्रेस पार्टी हर जिले और हर वार्ड में आंदोलन चलाकर लोगों को स्वच्छ पानी दिलाने की लड़ाई लड़ेगी।

मुख्यमंत्री और चीफ सेक्रेटरी पर हमला बोलते हुए पटवारी ने कहा कि दोनों ने यह स्वीकार किया है कि जिले में हर कलेक्टर चोर है और पैसे लेकर काम होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में कलेक्टर की पोस्टिंग भी पैसों के आधार पर होती है और यह पूरी जानकारी पीएमओ और मुख्यमंत्री तक को है। उन्होंने कहा कि जो भी कलेक्टर जिले में आता है, उसे पहले से पता होता है कि वह वसूली के लिए आ रहा है और यह पूरे सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।

पटवारी ने प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कोई ऐसा कार्यालय है, जहां रिश्वत नहीं ली जाती। उन्होंने ग्वालियर और पूरे संभाग के दफ्तरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पत्रकारों को भी चुनौती दी कि यदि कोई ऐसा कार्यालय है, जहां घूस नहीं ली जाती, तो वह सामने लाएं। उन्होंने कहा कि चीफ सेक्रेटरी द्वारा यह स्वीकार किया जाना कि कलेक्टर चोर हैं, यह साबित करता है कि प्रशासनिक अराजकता चरम पर है और इसका सीधा असर गरीब किसानों, आम जनता और पत्रकारों पर पड़ रहा है। पटवारी ने साफ शब्दों में कहा कि जब भ्रष्टाचार खुलेआम स्वीकार किया जा रहा है, तो मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

आउटसोर्स भर्ती को लेकर भी जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोला और कहा कि पूरी बीजेपी सरकार आउटसोर्स व्यवस्था पर चल रही है। मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभाग आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे काम कर रहे हैं क्योंकि सरकार नियमित भर्तियां नहीं करना चाहती। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के भविष्य का क्या होगा और आरोप लगाया कि यह सरकार संवेदनहीन है, जिसे आम लोगों की भावनाओं से कोई मतलब नहीं है।

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