रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम के लिए यह दिन ऐतिहासिक बन गया, जब पद्म विभूषण और इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने विश्व के पहले निजी ‘सुख शक्ति धाम’ का भव्य लोकार्पण किया। इस विशेष केंद्र की स्थापना आत्म-निरीक्षण, मानसिक शांति और नैतिक जीवन मूल्यों को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता इस अवधारणा के शिल्पकार और प्रेरणास्रोत डॉ. वल्लभ भंसाली ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में इनाम सिक्योरिटीज के अध्यक्ष नेमीश भाई शाह, इप्का समूह के प्रेमचंद गोधा और कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप मौजूद रहे।
लोकार्पण के दौरान नारायण मूर्ति ने कहा कि समाज में स्थायी परिवर्तन बाहरी व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि व्यक्ति के आत्म-अनुशासन और मूल्यों से आता है। सुख शक्ति धाम आत्म-जागरण का केंद्र है, जो लोगों को भीतर की स्पष्टता, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि सुख और शक्ति हमारी गहरी मानवीय आकांक्षाओं का सार हैं, जिन्हें खरीदा नहीं जा सकता, बल्कि इन्हें अपने दैनिक जीवन में स्वयं विकसित करना पड़ता है।
डॉ. वल्लभ भंसाली ने कहा कि सुख और शक्ति पर आधारित उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है और सुख शक्ति धाम रतलाम के परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बनेगा। उन्होंने अपनी इस कल्पना को साकार करने के लिए रतलाम को चुना और विश्वास जताया कि यहां के युवा इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर और गौतम बुद्ध जैसे महापुरुषों ने ध्यान के माध्यम से समाज को नई सोच दी, क्योंकि केवल आर्थिक प्रगति ही असली प्रगति नहीं होती। सत्ता के शीर्ष पर पहुंचकर भी सुख और शांति नहीं मिलती, इसी कारण भारत के मनीषियों ने ध्यान और आत्मचिंतन का मार्ग दिखाया। सुख शक्ति धाम रतलाम को इसी विचारधारा के साथ नई दिशा देने का कार्य करेगा।

