बिहार की सियासत में आज से एक नई हलचल शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार से अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत बिहार से करने वाले हैं। उनका पहला पड़ाव होगा समस्तीपुर, जहां वे कर्पूरी ग्राम पहुंचकर समाजवादी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देंगे। इसी कार्यक्रम से प्रधानमंत्री अपने चुनावी शंखनाद की शुरुआत करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी आज ही समस्तीपुर और बेगूसराय में दो विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे। कहा जा रहा है कि इन रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री बिहार चुनाव का माहौल पूरी तरह अपने पक्ष में करने की कोशिश में हैं। वहीं, इस दौरे के दूसरे चरण में 30 अक्टूबर को मोदी मुजफ्फरपुर और छपरा में भी रैलियां करेंगे। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह दौरा एनडीए के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।
इसी बीच, चुनावी माहौल को गर्माते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के ज़रिए बिहार के युवा कार्यकर्ताओं से वर्चुअल बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा — “जो खुद को गठबंधन कहते हैं, बिहार की जनता उन्हें ‘लठबंधन’ कहती है।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि “इन दलों के लिए स्वार्थ सर्वोपरि है। उन्हें न बिहार के युवाओं की चिंता है, न उनके भविष्य की। दशकों तक इनकी राजनीति ने बिहार को नक्सलवाद और माओवादी आतंक में झोंक दिया। उन्होंने स्कूल, कॉलेज, अस्पताल तक बंद कर दिए, उद्योगों को आने नहीं दिया।”
मोदी ने दावा किया कि एनडीए सरकार ने बिहार को जंगलराज के अंधेरे से निकालकर विकास की नई रोशनी दी है। उन्होंने कहा, “हमने 2014 से लगातार मेहनत की है ताकि बिहार को फिर से आत्मनिर्भर बनाया जा सके, और आज वह बदलाव साफ दिख रहा है।”
अब जब प्रधानमंत्री मोदी की रैलियां शुरू हो रही हैं, पूरा बिहार एक बार फिर राजनीतिक ऊर्जा और चुनावी जोश से भर उठा है।

