पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच पीएम मोदी का शांति संदेश

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति और कूटनीति का संदेश दिया है। दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब के साथ आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ऐसे देश हैं जो ‘रूल ऑफ लॉ’, संवाद और कूटनीति में गहरा विश्वास रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी समस्या का समाधान केवल सैन्य ताकत से नहीं हो सकता, चाहे वह यूक्रेन का संकट हो या पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लगातार शांति स्थापित करने और संघर्षों को समाप्त कराने के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा।

दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक कई क्षेत्रों में संघर्ष जारी है। ऐसे समय में भारत और यूरोप के बीच बढ़ते रिश्ते वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई ताकत दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी।

नोकिया से लेकर चिनाब ब्रिज तक सहयोग के उदाहरण

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और फिनलैंड के बीच लंबे समय से चल रहे सहयोग के कई उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि नोकिया के मोबाइल फोन और टेलीकॉम नेटवर्क ने लाखों भारतीयों को आपस में जोड़ने का काम किया है। फिनलैंड के वास्तुकारों के सहयोग से चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बनाया गया है। इसके अलावा असम के नुमालीगढ़ में दुनिया की सबसे बड़ी बांस से बायोएथेनॉल रिफाइनरी भी फिनलैंड की साझेदारी से बनाई गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे सफल सहयोग से प्रेरित होकर दोनों देश अब डिजिटलाइजेशन और सतत विकास के क्षेत्र में अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

AI से 6G तक मजबूत होगा तकनीकी सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच नई रणनीतिक साझेदारी कई हाईटेक क्षेत्रों में सहयोग को तेज और मजबूत बनाएगी। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई, 6G टेलीकॉम, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा रक्षा, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड जैसे लोकतांत्रिक और जिम्मेदार देशों की साझेदारी पूरी दुनिया के लिए भरोसेमंद तकनीक और मजबूत सप्लाई चेन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राष्ट्रपति स्टब का भारत में गर्मजोशी से स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब का भारत में स्वागत करते हुए कहा कि यह उनकी राष्ट्रपति बनने के बाद पहली भारत यात्रा है और यह भारत के लिए गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति स्टब एक प्रतिष्ठित वैश्विक नेता होने के साथ-साथ एक सम्मानित विचारक और लेखक भी हैं। इस वर्ष आयोजित रायसीना डायलॉग में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी मौजूदगी भारत के लिए सम्मान की बात है और इससे दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती मिलेगी।

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