बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजगीर की सियासत में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। जन सुराज पार्टी ने सत्येंद्र पासवान को राजगीर विधानसभा सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस ऐलान के बाद इलाके की राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदलती दिख रही है। जहां पुराने नेताओं में बेचैनी है, वहीं जनता में बदलाव की नई उम्मीद जग चुकी है।
नामांकन के ऐलान के बाद सत्येंद्र पासवान ने अपने जोशीले अंदाज में कहा — “राजगीर अब बदलाव के मूड में है। जनता विधायक चुनेगी, परदेशी नहीं। यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान की है।”
उन्होंने कहा कि जनता अब ठेकेदारों की राजनीति से ऊब चुकी है और जन सुराज का यह अभियान अब लोगों की आवाज़ बनकर उभरेगा।
सत्येंद्र पासवान ने पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) के प्रति आभार जताते हुए कहा कि PK ने उन पर भरोसा जताया है, अब वे जनता का भरोसा जीतकर दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि राजगीर के लोगों ने सालों से उपेक्षा झेली है, अब हिसाब देने का वक्त आ गया है। “जन सुराज सत्ता की नहीं, जनता की राजनीति कर रही है — यहां फैसले जनता की राय से होंगे।”
घोषणा कार्यक्रम में जन सुराज के कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे जिनमें सुनील कुमार, कृष्ण मुरारी सिंह (मुरारी बाबू), संजीव केजरीवाल, बच्चन सिंह, अनिल महतो, शिवशंकर सिंह, राकेश कुमार, अरविंद प्रसाद, श्रीकांत पासवान, अंजना कुमारी, वंदन सिन्हा और रोहन सिंह जैसे नाम शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा — “राजगीर अब पुराने चेहरों से आज़ादी चाहता है। यह लड़ाई व्यवस्था से टकराने की है, झुकने की नहीं।”
सत्येंद्र पासवान के मैदान में उतरने के साथ ही राजगीर की राजनीति में PK फैक्टर की एंट्री हो चुकी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जनता का यह बदलाव का मूड मतदान में किस रूप में झलकता है — क्या राजगीर वाकई नई दिशा में कदम बढ़ाएगा या फिर सियासत अपने पुराने रास्ते पर लौटेगी… इसका फैसला अब जनता करेगी।

