लखनऊ. बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के घर पड़े आयकर छापे को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा और तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाई छापे दरअसल सरकारी डकैती जैसे होते हैं। उनका आरोप है कि भाजपा की एजेंसियां वहां पहुंचती हैं जहां उन्हें धन-दौलत की संभावना दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि भाजपा संवेदनहीन है और यह भी नहीं देखती कि जिस व्यक्ति पर कार्रवाई हो रही है वह किसी गंभीर बीमारी या व्यक्तिगत संकट से गुजर रहा है या नहीं। उनके मुताबिक, भाजपा मुश्किल हालातों को भी अवसर की तरह इस्तेमाल करती है और जब कोई व्यक्ति सबसे कमजोर स्थिति में होता है, तब उसे निशाना बनाया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लिए किसी का मान-सम्मान मायने नहीं रखता। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग 2047 की बात करते हैं, वे जानते हैं कि उनका 2027 भी पार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ हो या दिल्ली, कोई भी सत्ताइस के पार नहीं जाएगा, इसलिए सत्ता पक्ष धन इकट्ठा करने में लगा है।
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि भाजपा के पारंपरिक वोटर भी उससे दूर होते जा रहे हैं। जीएसटी, भ्रष्टाचार और कथित उगाही जैसे मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारी समाज नाराज है और धार्मिक मामलों को लेकर भी असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह छापा किसी भी दृष्टि से जायज नहीं ठहराया जा सकता और एक दिन इसके पीछे की साजिश का खुलासा जरूर होगा। उनका कहना था कि पहले विपक्ष के लोग ऐसी कार्रवाइयों का सामना करते थे, अब भाजपा के भीतर के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं।
अखिलेश यादव ने इसे बेहद निंदनीय बताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति जताई और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनहीनता की भी एक सीमा होती है और भाजपा ने वह सीमा पार कर दी है।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी तूल पकड़ सकता है।

