भोपाल। मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को कुछ दस्तावेज और सबूत सौंपते हुए दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई फर्जी नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं, जबकि कई असली मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब बीजेपी सरकार के दबाव में किया गया है।
इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित कांग्रेस के कई नेता भी मौजूद रहे। दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने आयोग को पूरी जानकारी और सबूत सौंप दिए हैं और आयोग की ओर से इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन भी मिला है। उन्होंने चुनाव आयोग का धन्यवाद देते हुए कहा कि आयोग ने उनकी बात सुनी और उन्हें अपनी शिकायत रखने का मौका दिया।
दिग्विजय सिंह ने यह भी बताया कि वे कुछ मकान मालिकों को साथ लेकर आयोग के पास पहुंचे थे, जिनके घर के पते पर मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से ज्यादा दर्ज की गई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तीन अलग-अलग घरों में 30 से ज्यादा मतदाता दर्ज पाए गए, जबकि उन घरों में रहने वाले लोगों की वास्तविक संख्या इससे कहीं कम है।
एक शिकायतकर्ता मकान मालिक ने बताया कि उनके घर में सिर्फ 6 सदस्य रहते हैं, जबकि मतदाता सूची में उसी पते पर 30 से ज्यादा नाम दर्ज हैं। वहीं दूसरे व्यक्ति ने बताया कि उनके घर में केवल 7 सदस्य हैं, लेकिन सूची में उससे कहीं ज्यादा लोगों के नाम दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह भोपाल की नरेला विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में हुई इन कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग के पास शिकायत करने पहुंचे थे। अब इस मामले में चुनाव आयोग की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

