उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में सियासी और धार्मिक हलचल तेज हो गई है। हिंदूवादी नेता प्रवीण तोगड़िया ने महाकालेश्वर मंदिर में सशुल्क दर्शन व्यवस्था का विरोध करते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि हनुमान चालीसा के माध्यम से देशभर के 10 करोड़ हिंदू परिवारों को जोड़ा जाएगा और धर्मांतरण रोकने के लिए घर-घर हनुमान चालीसा पहुंचाई जाएगी।
राष्ट्रीय बजरंग दल और राष्ट्रीय महिला परिषद की ओर से आयोजित दो दिवसीय हिंदू अधिवेशन में शामिल होने उज्जैन पहुंचे तोगड़िया ने शंकराचार्य और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बीच चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के गुरु और योगी आदित्यनाथ के गुरु से उनका 40 साल पुराना संबंध है। उन्हें विश्वास है कि दोनों पक्ष जल्द ही गले मिलकर इस मामले को समाप्त कर देंगे। उन्होंने दोनों से आपसी संवाद के जरिए विवाद खत्म करने की अपील भी की।
तोगड़िया ने अधिवेशन के उद्देश्य पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि देशभर से 5000 पदाधिकारी इसमें शामिल हो रहे हैं। लक्ष्य है कि हनुमान चालीसा के जरिए 10 करोड़ हिंदू परिवारों को जोड़ा जाए। सुरक्षित हिंदू, समृद्ध हिंदू, स्वस्थ हिंदू और स्वावलंबी हिंदू जैसे मुद्दों पर एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। योजना है कि हर मंगलवार या शनिवार को गांव-गांव, गली-गली में हनुमान चालीसा का पाठ हो और एक वर्ष में एक लाख स्थानों पर इसका आयोजन किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान के माध्यम से 100 से 200 हिंदू परिवारों को आपस में जोड़ा जाएगा और एकता के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। साथ ही हर परिवार से एक मुट्ठी अनाज एकत्र कर लाखों गरीबों तक अनाज पहुंचाने की योजना भी बनाई गई है।
दो दिवसीय इस अधिवेशन में करीब 1600 बैठकों का आयोजन होगा और 11 लाख हनुमान चालीसा के माध्यम से 10 करोड़ हिंदू परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सुबह 8:30 बजे उद्घाटन सत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी और इसके बाद ‘घर-हिंदू घर, सुरक्षित घर, सुखी घर’ जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा। उज्जैन से उठी यह आवाज अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है।

