लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी दल संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं और इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने 11 नए जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया है। सूची प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने जारी की है। घोषित नामों में सबसे ज्यादा चार जिलाध्यक्ष पश्चिम क्षेत्र से, दो ब्रज क्षेत्र से और तीन अवध क्षेत्र से बनाए गए हैं।
पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ जातीय संतुलन पर भी खास ध्यान दिया है। 11 नामों में तीन ब्राह्मण, दो मौर्य, दो पासी और एक-एक कायस्थ, ठाकुर, वैश्य और कश्यप समाज से जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक अब सामान्य वर्ग से 51 जिलाध्यक्ष हो चुके हैं, जिनमें 24 ब्राह्मण, 14 ठाकुर, 5 कायस्थ और 6 वैश्य शामिल हैं। वहीं 35 जिलाध्यक्ष ओबीसी वर्ग से और 9 अनुसूचित जाति से हैं। साफ है कि पार्टी ने प्रतिशत के आधार पर सामान्य और पिछड़ा वर्ग का संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है।
घोषित नामों में शामली से रामजी लाल कश्यप, अमरोहा से उदय गिरी गोस्वामी, सहारनपुर से अजीत सिंह राणा, बागपत से नीरज शर्मा, पीलीभीत से गोकुल प्रसाद मौर्य, लखीमपुर से अरविंद गुप्ता, गोंडा से इकबाल बहादुर तिवारी, अयोध्या से राधे श्याम त्यागी, अयोध्या महानगर से कमलेश श्रीवास्तव, काशी से लाल बहादुर सरोज और सिद्धार्थनगर से दीपक मौर्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साफ है कि 2027 की सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए बीजेपी ने अभी से सामाजिक समीकरण बिठाने की कवायद तेज कर दी है और संगठन के जरिए बूथ से लेकर जिले तक नई रणनीति लागू करने की तैयारी में है।

