कहते हैं — “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती”, और इस पंक्ति को मध्यप्रदेश के सतना जिले की बेटी प्रिया अग्रवाल ने सच कर दिखाया है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC 2023 की परीक्षा में प्रिया ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के दम पर प्रदेशभर में छठवीं रैंक हासिल की है। इस शानदार सफलता के साथ अब वह डिप्टी कलेक्टर बनेंगी।
यह सफलता इसलिए और भी खास है क्योंकि प्रिया बेहद साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता विजय अग्रवाल बिरसिंहपुर कस्बे के गैवीनाथ शिव मंदिर के पास नारियल-प्रसाद की छोटी सी दुकान चलाते हैं। लेकिन आज उसी दुकान से शुरू हुई कहानी ने इतिहास रच दिया है। जैसे ही डिप्टी कलेक्टर बनने की खबर उनके गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से “गांव की बेटी” का स्वागत करने पहुंचे। हर किसी की आंखों में गर्व और खुशी झलक रही थी।
प्रिया फिलहाल रीवा जिले में जिला श्रम अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं, लेकिन अब उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। अपनी सफलता पर प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा — “यह मेरे सपनों का दिन है, मैं बहुत खुश हूं। यह सफलता मेरे माता-पिता और गुरुओं के आशीर्वाद का परिणाम है।”
उन्होंने बताया कि यह सफर आसान नहीं था। साल 2018 से वह लगातार MPPSC की तैयारी कर रही थीं और यह उनका पाँचवां प्रयास था। कई बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और हर बार पहले से ज्यादा मेहनत की।
प्रिया ने उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश दिया जो अपने सपनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा — “तैयारी करते रहिए, बीच में कभी हार मत मानिए। धैर्य रखिए, सफलता देर से ही सही लेकिन जरूर मिलती है।”
प्रिया अग्रवाल की यह कहानी सिर्फ एक लड़की की सफलता नहीं, बल्कि उस भरोसे की मिसाल है कि अगर जज़्बा सच्चा हो, तो हालात चाहे कितने भी साधारण क्यों न हों — सपने जरूर पूरे होते हैं।

