भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके भावी शिक्षकों ने अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया और चिनार पार्क से डीपीआई कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदेशभर से पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में हजारों पद खाली पड़े होने के बावजूद भर्ती में सीटें बेहद कम घोषित की जा रही हैं और यह भर्तियां ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं।
अभ्यर्थियों ने बताया कि कुल 13 हजार पदों पर भर्ती निकली है जिनमें करीब 10 हजार माध्यमिक शिक्षक और लगभग 3 हजार प्राथमिक शिक्षक के पद शामिल हैं जबकि चयनित अभ्यर्थी कम से कम 25 हजार पदों पर भर्ती और भर्ती के दूसरे चरण की शुरुआत की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का दावा है कि दिसंबर 2024 की स्थिति में सरकारी स्कूलों में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की जरूरत है लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं।
इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार युवाओं से वोट तो ले लेती है लेकिन उनकी मांगें पूरी नहीं करती और कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि अगर बीजेपी को लगातार वोट दिया जाता रहा तो युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा और कांग्रेस पार्टी चयनित अभ्यर्थियों की मांगों के साथ खड़ी है।
वहीं बीजेपी प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों को संयम रखना चाहिए और सरकार उनके साथ है, जल्द ही उनकी मांगों पर उचित निर्णय लिया जाएगा और युवाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

