बेसमेंट सीलिंग पर उठे सवाल, बिना नोटिस कार्रवाई या वसूली का खेल

इंदौर। शहर में अवैध बेसमेंट के खिलाफ चल रही नगर निगम की कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। हवा बंगला जोन में एक भवन के बेसमेंट को सील करने के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगने लगे हैं। भवन मालिक का दावा है कि बिना किसी लिखित नोटिस के सीधे सीलिंग की कार्रवाई कर दी गई, जबकि इससे पहले एक एजेंट के जरिए लाखों रुपये की डील की बात सामने आई थी। इस पूरे मामले की कथित रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद निगम की कार्रवाई पर संदेह गहराने लगा है।

बताया जा रहा है कि मामला जोन-14 के हवा बंगला क्षेत्र का है, जहां एक भवन के बेसमेंट में दुकान संचालित हो रही थी। भवन मालिक का आरोप है कि सबसे पहले भवन अधिकारी की ओर से उन्हें फोन कर बताया गया कि बेसमेंट में दुकान चलाना नियमों के खिलाफ है और इस पर कार्रवाई होगी। लेकिन किसी भी तरह का लिखित नोटिस दिए बिना ही अगले दिन निगम की टीम मौके पर पहुंची और दुकान को सील कर दिया गया।

भवन मालिक का यह भी आरोप है कि कार्रवाई से पहले एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को निगम अधिकारियों से जुड़ा बताते हुए कहा कि मामला सेट किया जा सकता है। बातचीत के दौरान पहले दो लाख रुपये की मांग की गई, फिर रकम घटाकर 50 हजार रुपये में मामला निपटाने की बात कही गई और आखिर में 35 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया। भवन मालिक का कहना है कि इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसे शिकायत के साथ पार्षद और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है।

इस मामले में यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि इलाके में कई जगह बेसमेंट में दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन कार्रवाई केवल चुनिंदा स्थानों पर ही की जा रही है। भवन मालिक का कहना है कि उनके यहां बिना नोटिस के सीलिंग कर दी गई, जबकि आसपास की कई दुकानों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में निगम की कार्रवाई पर पक्षपात और वसूली के आरोप भी लगने लगे हैं।

क्षेत्रीय पार्षद ने भी इस मामले को संज्ञान में लेने की बात कही है। उनका कहना है कि शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं और अगर बिना नोटिस कार्रवाई या पैसों की मांग की बात सही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तय है। वहीं निगम अधिकारियों का कहना है कि नियमों के खिलाफ बेसमेंट के उपयोग पर पहले भी कार्रवाई होती रही है और जहां भी शिकायत मिलेगी वहां कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि अगर किसी व्यक्ति ने पैसे मांगने या सेटिंग की बात की है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।

फिलहाल इस पूरे मामले की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद नगर निगम की कार्रवाई पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर में चर्चा तेज है कि कहीं बेसमेंट सीलिंग की आड़ में वसूली का खेल तो नहीं चल रहा। अब देखना होगा कि जांच में सच्चाई सामने आती है या यह मामला भी बाकी शिकायतों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।

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