भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ड्रग्स आरोपी यासीन मछली पिछले दो हफ्तों से अस्पताल में भर्ती है और अब इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यासीन ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए कोर्ट में आवेदन दिया था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन सूत्रों का दावा है कि वह बिना किसी गंभीर बीमारी के ही कोर्ट को गुमराह कर जेल जाने से बचने की कोशिश कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक, यासीन मछली ने सबसे पहले कोर्ट में स्वास्थ्य खराब होने का आवेदन दिया था। कोर्ट के निर्देश पर जेल प्रशासन ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया और लिखित में बताया कि यासीन को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इसके बावजूद यासीन ने दोबारा कोर्ट में आवेदन पेश किया, जिसके बाद कोर्ट ने फिर से अस्पताल में जांच कराने के निर्देश दिए।
दूसरी बार जांच के लिए अस्पताल पहुंचा यासीन मछली वहीं भर्ती हो गया और बीते दो हफ्तों से वह हमीदिया अस्पताल के मेडिकल वार्ड में मौजूद है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में यासीन कोर्ट को गुमराह कर रहा है और जेल से बचने के लिए अस्पताल में भर्ती रहने का बहाना बना रहा है।
इस घटना के बाद हमीदिया अस्पताल के प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर बिना गंभीर बीमारी के आरोपी को इतने लंबे समय तक भर्ती क्यों रखा गया। गौरतलब है कि यासीन मछली पर ड्रग्स तस्करी, दुष्कर्म और मारपीट जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, ऐसे में उसके अस्पताल में भर्ती रहने को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।

