पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली प्रचंड जीत के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी रफ़्तार में चल रही है। 20 नवंबर को गांधी मैदान में नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं और पूरे मैदान में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री और बीजेपी–एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसी बीच एनडीए नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं और माहौल पूरी तरह राजनीतिक हलचल से भरा हुआ है।
लखीसराय सीट से विजयी भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा का कहना है कि बिहारियों ने इस बार राजद और कांग्रेस को उनके अपमान की सजा दी है। उन्होंने कहा कि अब बिहार तुष्टिकरण नहीं, बल्कि संतुष्टिकरण की राजनीति की ओर बढ़ेगा। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की विजनरी लीडरशिप में विकसित बिहार की मजबूत नींव रखी जा चुकी है और शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी की मौजूदगी हर बिहारी के लिए गौरव का क्षण होगा।
वहीं मंत्री पदों को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मीडिया में जो 35-36 मंत्रियों की लिस्ट सामने आ रही है वह अभी प्रामाणिक नहीं है, लेकिन इतना ज़रूर है कि JDU, BJP, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो – सभी दलों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। मांझी ने चुनावी जीत का श्रेय बिहार की जनता और नीतीश कुमार की नीतियों को दिया, खासकर महिलाओं और दिव्यांगों के लिए किए गए कार्यों को।
इसी बीच HAM (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने साफ कहा कि NDA विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाएंगे और उसके बाद शपथ ग्रहण की औपचारिकता पूरी होगी। उन्होंने कहा कि अगर हमारी पार्टी को मंत्री पद न भी मिले, तब भी कोई शिकायत नहीं होगी क्योंकि हमने कभी कुछ मांगा ही नहीं और न ही मांगेंगे। हमारी प्राथमिकता बिहार की जनता की सेवा है और हर निर्णय खुले मंच पर, सबके सामने लिया जाएगा।
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिहार ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की करिश्माई जोड़ी पर भरोसा जताया है। यह 20 साल की सुशासन, विकास यात्रा और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का परिणाम है।
20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण से पहले पटना का गांधी मैदान पूरी तरह सुरक्षा घेरे में है और नई सरकार के गठन को लेकर उत्साह चरम पर है।

