पटना। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन इस बार वजह पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर उनका सम्मानजनक संदेश है। रोहिणी ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि सामर्थ्य, साहस और नारी शक्ति की प्रतीक, भारत रत्न और देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी को उनकी जयंती पर सादर नमन और श्रद्धांजलि।
रोहिणी की यह पोस्ट सामने आते ही राजनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई और इसी बीच अरुण भारती भी उनके समर्थन में सामने आए। अरुण भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बेटी मायके में रहे या ससुराल में—ये परिवार का विषय है, किसी पत्रकार के दकियानूसी सवालों का नहीं। उन्होंने कहा कि भारत में बेटियों के मायके पर अधिकार, संपत्ति पर अधिकार और पैतृक विरासत पर अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने तय किए हैं, पत्रकारों ने नहीं। पत्रकारों का काम राजनीति पर सवाल पूछना है, परिवार की मर्यादा तय करना नहीं। अरुण भारती ने कहा कि इस मामले में वह पूरी तरह रोहिणी आचार्य के साथ हैं और पत्रकारों को पहले पारिवारिक शिष्टाचार सीखना चाहिए।
रोहिणी की इस शांत, गरिमामयी पोस्ट और अरुण भारती के समर्थन के बाद एक बात साफ है—बात चाहे राजनीति की हो या परिवार की, रोहिणी हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटतीं।

