सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले की देवरी नगर पालिका में राइट टू रिकॉल के तहत हुए ऐतिहासिक चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। जनता ने एक बार फिर मौजूदा नगर पालिका अध्यक्ष नेहा अकलेश जैन पर भरोसा जताया है और अब वे अपने पद पर बनी रहेंगी। देवरी में पहली बार किसी अध्यक्ष को वापस बुलाने के लिए राइट टू रिकॉल की प्रक्रिया अपनाई गई थी, लेकिन इस परीक्षा में नेहा जैन जनता के विश्वास पर खरी उतरीं।
दरअसल भाजपा बहुमत वाली देवरी नगर पालिका में लंबे समय से राजनीतिक उठापटक चल रही थी। भाजपा की ही नेहा जैन के खिलाफ उनके ही पार्टी के पार्षद खड़े हो गए थे और अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। अविश्वास प्रस्ताव के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने नेहा जैन को अध्यक्ष पद से हटा दिया था, लेकिन उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे प्राप्त किया और पद पर बनी रहीं। इसके बावजूद पार्षदों का विरोध थमा नहीं और नियमानुसार राज्य निर्वाचन आयोग में आवेदन कर राइट टू रिकॉल के तहत चुनाव की मांग की गई।
19 जनवरी को देवरी में भरी कुर्सी और खाली कुर्सी को लेकर मतदान हुआ, जिसमें 69.29 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जब नतीजे सामने आए तो जनता का फैसला साफ था। नेहा जैन ने 1197 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। भरी कुर्सी के पक्ष में 7282 वोट पड़े, जबकि खाली कुर्सी के पक्ष में 6085 मत डाले गए।
पहले पार्षदों के विश्वास से अध्यक्ष बनीं नेहा जैन के खिलाफ जब उन्हीं के पार्षद खड़े हुए, तब भी जनता ने उनका साथ नहीं छोड़ा। अब शेष कार्यकाल तक नेहा जैन देवरी नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर बनी रहेंगी। जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद नेहा जैन और उनके पति अकलेश जैन ने इसे जनता की जीत बताया और भरोसा दिलाया कि वे आगे भी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगी।
परिणाम घोषित होते ही देवरी नगर में जश्न का माहौल बन गया। कॉलेज प्रांगण से ऐतिहासिक विजय जुलूस निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों और वार्डों से होकर गुजरा। जगह-जगह नेहा और अकलेश जैन का फूल मालाओं से स्वागत किया गया, आतिशबाजी हुई और मिठाइयां बांटकर जनता ने इस जीत की खुशी जाहिर की।

