SIR की पहली लिस्ट पर सज्जन वर्मा का बड़ा आरोप, बोले– वोट चोरों की सरकार में लोकतंत्र खतरे में

भोपाल। इलेक्शन कमीशन द्वारा जारी SIR की पहली सूची को लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने तीखे आरोप लगाए हैं। भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि SIR के बाद कांग्रेस ने 2023 में हारी हुई 60 विधानसभा सीटों का गहन विश्लेषण किया, जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। उन्होंने दावा किया कि जहां कांग्रेस प्रत्याशी 20 हजार वोटों से चुनाव हारे, वहां 40 हजार तक वोट काट दिए गए। सज्जन वर्मा ने कहा कि 2023 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस केवल 32 लाख वोटों से हारी, जबकि अकेले मध्य प्रदेश में 42 से 43 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में न कोई चुनाव था और न ही ऐसी कोई आपात जरूरत, तो इतनी तेजी से वोटर लिस्ट क्यों तैयार की गई। उन्होंने राहुल गांधी के उस आरोप का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने रैली में वोट चोरी की बात कही थी। सज्जन वर्मा ने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां SIR के दौरान पहले 78 लाख वोट फर्जी बताकर हटाए गए, लेकिन चुनाव आते-आते यह संख्या घटकर 32 लाख रह गई, जबकि मध्य प्रदेश में करीब 43 लाख नाम सीधे विलोपित कर दिए गए।

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि जब से वोट चोरों की सरकार आई है, तब से लोकतंत्र पर सीधा हमला हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी ऐसी प्रक्रियाएं हुई थीं, लेकिन पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ। उनका आरोप है कि निर्वाचन आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने कहा कि 43 लाख वोट हटाए गए और 8 लाख लोगों को नो मैपिंग में डाल दिया गया। यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव की जानकारी में हो रहा है।

सज्जन वर्मा ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि पवित्र गंगाजल से नहाकर अब इलेक्शन कमीशन और बीजेपी के लोग जनता के सामने आएंगे और कहेंगे कि उन्होंने कितनी निष्पक्षता से काम किया। उन्होंने सवाल किया कि SIR की इतनी क्या जल्दी थी और बीएलओ पर इतना दबाव क्यों डाला गया कि कई लोगों को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं, जिनमें एक ही विधानसभा में 90 हजार तक वोट डिलीट किए जाने के प्रमाण हैं।

उन्होंने कुछ सीटों का उदाहरण देते हुए कहा कि गोविंद सिंह राजपूत की विधानसभा में मतगणना के दौरान चार घंटे तक गिनती रुकवाई गई थी, जहां कांग्रेस केवल 2100 वोटों से हारी थी और अब उसी क्षेत्र से 5 हजार वोट काट दिए गए। इसी तरह गुन्नौर विधानसभा में भी ऐसा ही हुआ। जीतू पटवारी की विधानसभा में 34 हजार वोटों से हार हुई थी, लेकिन वहां से 38 हजार मतदाता हटा दिए गए। नरेला विधानसभा में कांग्रेस 24 हजार वोटों से हारी और वहां से 70 हजार लोगों के नाम काटे गए।

अंत में सज्जन सिंह वर्मा ने जनता से अपील की कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जागरूक रहें और इस लड़ाई में कांग्रेस का सहयोग करें, क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ एक पार्टी की नहीं बल्कि देश के लोकतंत्र को बचाने की है।

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