पटना। बिहार की सियासत गरम है, चुनाव करीब हैं, और बयानबाजी अपने चरम पर। एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसी बीच जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा — “महागठबंधन के नेता ऐसे पदों का बंटवारा कर रहे हैं, जैसे चुनाव पहले ही जीत चुके हों। इन्हें जनता की नब्ज का जरा भी अंदाजा नहीं है।”
संजय झा ने तंज कसते हुए कहा — “अभी जनता ने वोट भी नहीं डाला और ये लोग पहले से ही मंत्री पद और विभागों की हिस्सेदारी तय कर रहे हैं। इससे बड़ा भ्रम और क्या हो सकता है? बिहार की जनता बहुत समझदार है, वो वादों पर नहीं, काम पर वोट करती है।”
जेडीयू नेता ने आगे कहा कि चुनाव सत्ता की नहीं, सेवा की लड़ाई है, लेकिन महागठबंधन के नेता इसे कुर्सी की जंग बना बैठे हैं। “फैसला जनता करेगी कि बिहार की बागडोर किसे सौंपी जाए, न कि कुछ नेताओं की मीटिंग में बैठे-बैठे किया गया बंटवारा तय करेगा।”
उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार को विकास की नई रफ्तार दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और महिला सशक्तिकरण में जो काम हुए हैं, वे खुद बोलते हैं। “जनता विकास चाहती है, और नीतीश कुमार ने वही दिया है — स्थिरता और प्रगति।”
संजय झा ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा — “इनका मकसद सिर्फ सत्ता पाना है, जनता की सेवा नहीं। इनके पास न कोई ठोस योजना है, न कोई विजन। ये सिर्फ मोदी और नीतीश विरोध में एकजुट हुए हैं। ऐसे गठबंधन टिकते नहीं, क्योंकि इनकी जड़ें जनता में नहीं, कुर्सी में हैं।”
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा — “अभी तो चुनाव शुरू भी नहीं हुए और महागठबंधन के अंदर मुख्यमंत्री पद से लेकर मंत्रालयों के बंटवारे पर झगड़े शुरू हो गए हैं। जो लोग कुर्सी के लिए पहले ही भिड़ रहे हैं, वो जनता के भरोसे पर कैसे खरे उतरेंगे?”
अंत में संजय झा ने कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है, हर दल का एक ही लक्ष्य है — बिहार के विकास को आगे बढ़ाना। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता एनडीए के कामकाज को देखकर एक बार फिर उसे पूर्ण बहुमत से सत्ता में वापस लाएगी।
बिहार में चुनावी माहौल अब और भी गर्म हो गया है, और यह बयान निश्चित तौर पर महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

