ग्वालियर। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के आरोपों पर अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कड़ा जवाब दिया है। दरअसल दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया था कि एसआईआर के दौरान भाजपा के बूथ लेवल एजेंट कांग्रेस समर्थकों के नामों पर फॉर्म नंबर 7 के जरिए आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।
जब इस मामले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से सवाल किया गया तो उन्होंने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि चित्त भी मेरी और पट भी मेरी, लेकिन ऐसा अब नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर सब कुछ ठीक लगता है और खुद को राजा समझा जाता है, लेकिन हारने पर पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए जाते हैं। यह रवैया लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सिंधिया ने आगे कहा कि जनता की आवाज, जनता का मत और जनता की सोच सर्वोपरि है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमें इस पर गर्व होना चाहिए।
वहीं कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने भी पलटवार करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह ने जो कहा है वह सही है। उनके मुताबिक एसआईआर प्रक्रिया शुरू से ही सवालों के घेरे में रही है और राहुल गांधी समेत पूरी कांग्रेस इसे वोट चोरी बता चुकी है। अशोक सिंह ने कहा कि अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया के बाद असल तस्वीर क्या सामने आती है, फिलहाल कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

