उज्जैन के तराना में धारा 144, दूसरे दिन भी हिंसा और बवाल

तराना (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। लगातार दूसरे दिन भी दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद इलाके में जमकर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। घरों, दुकानों, वाहनों और बसों को निशाना बनाया गया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। हालात को देखते हुए प्रशासन ने तराना में धारा 144 लागू कर दी है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पूरा मामला गुरुवार 22 जनवरी की शाम का है, जब तराना थाना क्षेत्र के शुक्ला मोहल्ले में राम मंदिर के पास खड़े विश्व हिंदू परिषद के नगर मंत्री सोहेल पिता सोनू ठाकुर पर कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में सोहेल गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका इलाज उज्जैन जिला अस्पताल के आईसीयू में जारी है। घटना की खबर फैलते ही हिंदू संगठनों और समर्थकों में आक्रोश फैल गया और देर रात नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गया।

करीब तीन घंटे तक गिरफ्तारी नहीं होने पर हालात और बिगड़ गए। तराना बस स्टैंड पर खड़ी 12 से अधिक बसों में तोड़फोड़ की गई, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और कई जगह पथराव शुरू हो गया। स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और देर रात तक इलाके में तनाव बना रहा।

देर रात प्रशासन और पुलिस हरकत में आई और तराना एडीएम, एएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए बाजार बंद करवाया गया और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई।

शुक्रवार को हालात कुछ समय के लिए नियंत्रण में नजर आए और जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक संपन्न करवाई गई, लेकिन दोपहर बाद एक बार फिर माहौल बिगड़ गया। तराना के तकिया मोहल्ला, नई बाखल, राठौड़ धर्मशाला, कपड़ा बाजार, तेजाजी चौक, द्वारकाधीश कुंड, बस स्टैंड और नाटाखेड़ी मार्ग समेत कई इलाकों में फिर से पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। दो बसों और एक भंगार दुकान में आग लगा दी गई।

आरोप है कि मुंह पर कपड़ा बांधे उत्पाती लोगों के घरों में घुस गए, जमकर तोड़फोड़ की, लोगों के साथ मारपीट की और मंदिर पर भी पत्थर फेंके। इन घटनाओं के लाइव सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें साफ दिख रहा है कि किस तरह उत्पाती घरों में घुसकर उत्पात मचा रहे हैं। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने दोबारा मोर्चा संभाला और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया गया।

घटना के बाद हिंदू संगठनों ने आरोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए तराना थाने का घेराव किया। वहीं क्षेत्र के रहवासी भी लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतर आए और पुलिस के सामने अपना आक्रोश जताया। इस बीच तराना विधायक महेश परमार भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। संत समाज और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी शांति की अपील की।

बस मालिकों ने बताया कि उनकी बसों को निशाना बनाया गया, जबकि उनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। बस मालिक शेख यासीन और आरिफ शाह के मुताबिक, तोड़फोड़ में करीब 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने जानकारी दी कि शाम 4 बजे तक कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है, फ्लैग मार्च किया जा रहा है और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

इधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अशांति फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि राज्य सरकार सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है और जो भी प्रदेश की शांति भंग करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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