मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जो इंसानियत पर सवाल खड़े कर देती है। 80 वर्षीय बुजुर्ग शंकर पटेल, जो सेंट्रल बैंक से 20 हजार रुपये निकालकर अपने घर लौट रहे थे, रास्ते में उन दो युवकों का शिकार बन गए जिन्होंने मदद का बहाना बनाकर उन्हें अपनी बाइक पर बैठाया।
पुरानी बस्ती के दुर्गा मंदिर के पास स्थित नाई की दुकान पर उनके झोले में रखे पैसों को देखकर ही दोनों युवकों की नीयत खराब हो चुकी थी। बाहर निकलते ही वे शंकर पटेल का पीछा करते रहे और घर छोड़ने की बात कहकर उन्हें बाइक पर बैठा लिया। लेकिन घर की ओर नहीं, वे उन्हें सीधे फतेहपुर के घने जंगल की ओर ले गए।
जंगल में पहुंचते ही दोनों ने बुजुर्ग को बाइक से उतारा और झोले में रखे पूरे 20 हजार रुपये छीन लिए। शंकर पटेल को अंधेरे जंगल में अकेला छोड़कर दोनों युवक फरार हो गए। किसी तरह लड़खड़ाते हुए वह घर पहुंचे, लेकिन सदमे से उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई। कई दिनों तक उपचार के बाद जब उनकी हालत थोड़ी सुधरी, तब 21 नवंबर को वे सिंहपुर थाने पहुंचे और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।
थाना प्रभारी एम.एल. रहंगडाले के अनुसार, अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना स्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदेही युवकों की पहचान हो सके। पुलिस की टीमें लगातार जांच में जुटी हुई हैं।
यह घटना सिर्फ लूट नहीं, बल्कि भरोसे और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर है… जहाँ मदद के नाम पर शुरू हुई यात्रा, जंगल की अंधेरी लूट में बदल गई।

