बिहार चुनावी जंग से पहले नालंदा की धरती पर सियासत अपने पूरे उफान पर पहुंच चुकी है। शनिवार को बिहारशरीफ के श्रम कल्याण केंद्र मैदान में गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंच पर शाह के पहुंचते ही पूरा मैदान “जय श्री राम”, “भारत माता की जय” और “मोदी-नीतीश जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा।
यह रैली एनडीए के चुनाव प्रचार की सबसे बड़ी शुरुआत मानी जा रही है। मैदान के साथ-साथ आस-पास की गलियों में भी लोगों की भीड़ देखने लायक थी। शाह के भाषण का लोगों में ऐसा उत्साह था कि मैदान में कदम रखने तक की जगह मुश्किल से बची थी।
अपने संबोधन में अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा — “लालू यादव को सिर्फ अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने की चिंता है, सोनिया गांधी को अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाने की… लेकिन नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की चिंता देश के गरीबों की है।”
शाह ने कहा कि बिहार की मिट्टी हमेशा से देश को दिशा देने वाली रही है, और आज भी बिहार राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य को प्रगति की पटरी पर ला खड़ा किया है।
उन्होंने जनता से अपील की — “बीस सालों से आपने एनडीए पर भरोसा जताया है, अब इस बार भी आशीर्वाद दीजिए ताकि आने वाले पांच सालों में बिहार को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जा सके। मोदी-नीतीश की जोड़ी ही बिहार के विकास की गारंटी है।”
सभा स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। सुबह से ही लोग झंडे, पोस्टर और बैनर लेकर मैदान की ओर निकल पड़े थे। महिलाओं, युवाओं और किसानों की भारी भागीदारी ने माहौल को और जोश से भर दिया। हर तरफ भगवा लहराता दिखा और यह जनसभा बिहार की राजनीति में एनडीए के अभियान की एक ऐतिहासिक शुरुआत साबित हुई।

