बिहार की धरती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने वाली विश्व चैंपियन श्रेयसी सिंह ने आज नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में खेल मंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया। मैदान में लक्ष्य भेदने वाली श्रेयसी आज मंत्रालय पहुंचीं तो उनके चेहरे पर वही आत्मविश्वास, वही फोकस और वही जुनून साफ दिखा—बस फर्क इतना था कि आज मुकाबला मैदान का नहीं बल्कि सिस्टम को बदलने का था। पदभार लेते ही श्रेयसी ने कहा कि खेल के मैदान पर जो अनुभव मिला है, वही उन्हें अब काम में मदद करेगा। उन्होंने भरोसा दिया कि दी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगी और किसी को निराश नहीं होने देंगी। उनकी आवाज़ में एक खिलाड़ी की विनम्रता और एक मंत्री की दृढ़ता दोनों साफ झलक रही थीं।
बिहार के युवाओं और खिलाड़ियों में श्रेयसी की नियुक्ति को लेकर जबरदस्त उत्साह है। लोग मान रहे हैं कि अब राज्य में खेल सुविधाओं के हालात बदलेंगे, छोटे कस्बों और गांवों की प्रतिभाओं को नई उड़ान मिलेगी और खेल को करियर के रूप में देखने वाले युवाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे। बिहार को पहली बार ऐसा खेल मंत्री मिला है जो खुद पसीने की कीमत और संघर्ष की भाषा जानता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि क्या मैदान की यह चैंपियन, सिस्टम में भी उतनी ही सटीकता से अपना निशाना लगा पाएंगी जितना तीरंदाजी में लगाती रही हैं।
इसी के साथ बीजेपी की नई मंत्रियों की लिस्ट भी सामने आ चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल सचिवालय, सामान्य प्रशासन और निगरानी विभाग संभाला है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी गृह मंत्रालय संभाल रहे हैं, जबकि दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा भूमि एवं राजस्व और खान व भूतत्व विभाग की कमान देख रहे हैं। जल संसाधन और भवन विभाग विजय कुमार चौधरी के पास है। उद्योग विभाग दिलीप जायसवाल को मिला है। ग्रामीण विकास और परिवहन का जिम्मा श्रवण कुमार को दिया गया है। स्वास्थ्य और विधि विभाग मंगल पांडेय देखेंगे। शिक्षा विभाग सुनील कुमार को मिला है, कृषि मंत्रालय रामकृपाल यादव संभाल रहे हैं। अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग लखेन्द्र पासवान के पास है, जबकि श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्री के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा अन्य मंत्रालयों में भी विभागों का पुनर्वितरण किया गया है और सभी मंत्री अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
नई कैबिनेट के गठन के बाद अब राज्य में विकास, खेल और प्रशासनिक सुधारों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि अगला पड़ाव बिहार को कितना आगे ले जाता है और मैदान की चैंपियन श्रेयसी सिंह अब सिस्टम में किस तरह का नया इतिहास रचती हैं।

