पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। जनशक्ति जनता दल (जजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने शुक्रवार को ऐसा बयान दे दिया, जिसने पूरे सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। उन्होंने कहा – “बिहार की जनता क्या सोच रही है, क्या मूड है, ये तो समय ही बताएगा। 14 तारीख को तय होगा कि कौन कहां जाएगा।”
तेज प्रताप के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा छिड़ गई है कि क्या राज्य में किसी नए गठबंधन या बड़े राजनीतिक फेरबदल की तैयारी चल रही है। विश्लेषक मान रहे हैं कि उनके शब्दों के पीछे कोई बड़ा संकेत छिपा है।
तेज प्रताप ने कहा कि बिहार की राजनीति हमेशा जनता के मूड पर निर्भर करती है। जब जनता बदलाव चाहती है, तो सत्ता बदल जाती है, और जब वो संतुष्ट होती है, तो किसी को लंबे वक्त तक राज करने का मौका देती है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल का मकसद सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि जनता को सशक्त बनाना है।
तेज प्रताप ने आगे कहा – “हम किसी पार्टी से दुश्मनी नहीं रखते। हमारा लक्ष्य राजनीति नहीं, बल्कि सेवा है। जो भी जनता के हित में काम करेगा, हम उसके साथ हैं।” उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जजद कुछ बड़े फैसले लेने जा रही है, जो बिहार की राजनीति की दिशा बदल सकते हैं।
अब सबकी निगाहें 14 अक्टूबर पर टिकी हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, उस दिन तेज प्रताप यादव कोई महत्वपूर्ण ऐलान या रणनीतिक कदम उठा सकते हैं, जो बिहार के सियासी समीकरणों को हिला सकता है।
पार्टी कार्यकर्ताओं में इस बयान के बाद जबरदस्त उत्साह है। समर्थक कह रहे हैं कि तेज प्रताप अब पूरी ताकत के साथ जनता के बीच लौट रहे हैं, और जजद को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी में हैं।
फिलहाल बिहार की राजनीति में एक बार फिर सस्पेंस का माहौल है — सबकी नजरें उसी तारीख पर हैं, जब तय होगा कि तेज प्रताप यादव का अगला कदम क्या होगा… और कौन कहां जाएगा!

