भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में दिए गए बयान को लेकर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को सदन में ‘औकात में रहो’ कह दिया था, जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी। इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में इस पर माफी भी मांगी, लेकिन इसके बाद भी कैलाश विजयवर्गीय के तेवर नरम नहीं पड़े।
मीडिया ने जब उनसे सवाल किया कि आपकी तरफ से सीएम ने माफी मांगी है, तो उन्होंने जवाब दिया, “कप्तान है वो तो यार, माफी मांगी तो क्या हो गया।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जब पत्रकारों ने उनसे यह भी पूछा कि क्या ऐसा लगता है कि जुबान पर शनि बैठा हुआ है, तो उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि यह किसी ज्योतिषी से पूछूंगा।
दरअसल, बजट सत्र के चौथे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अदाणी ग्रुप से जुड़े मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए थे। तीखी बहस के बीच कैलाश विजयवर्गीय ने उमंग सिंघार को ‘औकात में रहने’ की नसीहत दे दी, जिसके बाद सदन का माहौल गरमा गया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर अफसोस जताया था।
इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री किसानों, युवाओं और बेरोजगारों को औकात बता रहे हैं, जबकि सदन में सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भागीरथपुरा का भूत अभी भी उनके पीछे पड़ा हुआ है।
मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने मंत्री के बंगले का घेराव करने का ऐलान किया है। इसे देखते हुए उनके निवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने भी बयान देते हुए कहा कि विपक्ष मुट्ठी भर है, अगर घेराव करेंगे तो हम भी उनका घेराव कर देंगे, और बदतमीजी विपक्ष की ओर से की गई थी, इसलिए माफी उन्हें मांगनी चाहिए।

