इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए जब गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। नारेबाजी और धक्का-मुक्की देखते ही देखते पथराव में बदल गई। इस झड़प में तीन पत्रकार, कुछ पुलिसकर्मी और दोनों दलों के कई कार्यकर्ता घायल हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और पानी की बौछारें भी छोड़नी पड़ीं।
दरअसल दिल्ली में आयोजित एआई समिट को लेकर हुए प्रदर्शन के विरोध में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता गांधी भवन की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें मच्छी बाजार चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में उग्र हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले धक्का-मुक्की हुई और फिर अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना में कांग्रेस जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े को सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य घायलों का भी इलाज जारी है। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला।
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और वायरल वीडियो के आधार पर पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस ने भाजपा पर पथराव शुरू करने का आरोप लगाया, तो वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। इसके बाद भाजपा नेता पंढरीनाथ थाने पहुंचे और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर घेराव किया।
घटना से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है और क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पूरे मामले की जांच जारी है।

