भोपाल। भोपालवासियों के लिए बेहद जरूरी खबर सामने आई है। राजधानी में बढ़ते जोखिमों और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने नए सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। अब कोई भी मकान, होटल या रिसॉर्ट मालिक अपने यहां कमरा या मकान किराये पर देने से पहले किरायेदार की पूरी जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य होगा। यह जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस सिटिजन ऐप या संबंधित थाने में जमा करनी होगी।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि कई बार रोजगार, पढ़ाई या इलाज के नाम पर लोग आते हैं, जिनकी आड़ में कट्टरपंथी संगठन या संदिग्ध लोग भी शहर में ठहर जाते हैं। ऐसे ही मामलों को रोकने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
मकान मालिकों को अपने किरायेदार का विवरण मकान देने के एक सप्ताह के भीतर देना होगा। जो किरायेदार पहले से रह रहे हैं या जो घरेलू नौकर काम कर रहे हैं, उनकी जानकारी भी 15 दिनों के भीतर पुलिस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
होटल, लॉज, धर्मशाला और रिसॉर्ट संचालकों के लिए भी कड़ा आदेश है—जिस भी व्यक्ति को ठहराया जाए, उसकी पूरी डिटेल रजिस्टर में दर्ज करना और फिर थाने को देना अनिवार्य होगा।
इसी तरह छात्रावास संचालकों को अपने यहां रहने वाले सभी छात्रों की जानकारी देनी होगी। बिल्डरों और ठेकेदारों को अपने मजदूर और कारीगरों का डेटा जमा करना पड़ेगा।
ट्रेवल्स एजेंसी को वाहन किराये पर देने से पहले व्यक्ति की पहचान की जांच करनी होगी और उसका आईडी प्रूफ अपने पास रखना होगा।
स्पा सेंटर, मसाज सेंटर और ब्यूटी पार्लर में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी भी थाने में जमा करानी अनिवार्य है।
होम डिलीवरी, कुरियर व ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाले सभी कर्मचारियों की जानकारी भी पुलिस को देनी होगी।


यह आदेश जारी होने की तारीख से अगले दो महीने तक लागू रहेगा, और यदि किसी ने इसका उल्लंघन किया, तो भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सीधे कार्रवाई की जाएगी।

