मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ इलाके से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां बोर्ड परीक्षा के बीच एक 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि उसका एक पेपर खराब हो गया था, जिससे वह बेहद परेशान था। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के मुताबिक छात्र पीयूष राठौर का 2 मार्च को सामाजिक विज्ञान का पेपर था। परिजनों ने बताया कि परीक्षा उम्मीद के मुताबिक नहीं गई, जिसके बाद वह काफी तनाव में था। इसी बात से आहत होकर उसने अपने ही घर में फांसी लगा ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है। क्या एक पेपर खराब हो जाने से जिंदगी खत्म कर देना सही है? इसका जवाब साफ है—नहीं। असफलता जिंदगी का अंत नहीं होती, बल्कि एक सीख होती है। जरूरी है कि अभिभावक बच्चों के साथ खड़े रहें, उन्हें समझें, उनका हौसला बढ़ाएं और यह भरोसा दिलाएं कि एक परीक्षा से भविष्य तय नहीं होता। सही मार्गदर्शन, संवाद और भावनात्मक सहयोग ही ऐसे कदमों को रोक सकता है।

