कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मंत्री विजय शाह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से उन्हें बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति पर फैसला करने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के लिए राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट को बताया गया कि मामले में गठित एसआईटी अपनी चार्जशीट पहले ही दाखिल कर चुकी है, लेकिन अब तक राज्य सरकार की ओर से अभियोजन की मंजूरी नहीं दी गई है। एसआईटी ने साफ किया कि वह सरकार के फैसले का इंतजार कर रही है।
इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को विजय शाह से जुड़े अन्य विवादों को भी एसआईटी को सौंपने के निर्देश दिए हैं। वहीं विजय शाह की ओर से उनके वकील ने कोर्ट में यह दलील दी कि मंत्री पहले ही माफी मांग चुके हैं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है।
दरअसल यह पूरा मामला 11 मई को इंदौर के महू में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 14 मई को इंदौर के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196(1)(b) और 197(1)(c) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें देशद्रोह और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

