लखनऊ. सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है और पूरे मामले में विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। बरेली मंडल आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है और जांच पूरी होने तक अलंकार अग्निहोत्री को डीएम कार्यालय शामली से अटैच किया गया है। इस बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद खुलकर अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में सामने आए हैं और उन्हें धर्म क्षेत्र में बड़े पद का प्रस्ताव देने की बात कही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अलंकार अग्निहोत्री के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें शंकराचार्य ने कहा कि इस पद तक पहुंचने के लिए अलंकार ने कड़ी मेहनत और पढ़ाई की होगी और एक झटके में पद का चला जाना दुखद है। साथ ही उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और उसके प्रतीकों के प्रति अलंकार की निष्ठा से पूरा सनातनी समाज प्रसन्न है और उनका अभिनंदन करता है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे चाहते हैं कि ऐसे निष्ठावान लोग सनातन धर्म की सेवा में आगे आएं और जो पद सरकार ने दिया था, उससे बड़ा पद धर्म क्षेत्र में देने के लिए वे प्रस्तावित करते हैं।
गौरतलब है कि बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सरकारी नीतियों, खासकर UGC के नए नियमों और शंकराचार्य से जुड़े मामलों को लेकर असंतुष्ट बताए जा रहे थे। इसी के चलते उन्होंने सोमवार को गणतंत्र दिवस के दिन अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। देर रात उन्होंने अपना सरकारी आवास भी खाली कर दिया था। इससे पहले वे जिलाधिकारी अविनाश सिंह के आवास पर मिलने पहुंचे थे, जहां अलंकार ने आरोप लगाया कि उन्हें करीब 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया।

