हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले की टिमरनी तहसील के ग्राम पंचायत नयागांव में नल जल योजना की लापरवाही के चलते पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है जहां करीब 1800 से 2000 की आबादी आज भी बूंद बूंद पानी के लिए जूझ रही है और योजना कागजों में पूरी बताई जा रही है लेकिन जमीन पर आज तक सुचारू रूप से चालू नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें पड़ोस के घरों से पाइप लगाकर पानी लेना पड़ रहा है जिसके बदले हर महीने 300 से 400 रुपये चुकाने पड़ते हैं और गरीब परिवारों पर यह अतिरिक्त बोझ भारी पड़ रहा है।
गांव में मौजूद दो शासकीय हैंडपंपों पर दबंगों के कब्जे का आरोप है जहां एक व्यक्ति ने हैंडपंप खोलकर उसमें मोटर डाल ली है और निजी इस्तेमाल के लिए पानी खींच रहा है जबकि पानी की टंकी बनी होने के बावजूद आज तक चालू नहीं हो पाई है जिससे बाकी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा।
पेयजल संकट के साथ गांव की स्वच्छता व्यवस्था भी बदहाल बताई जा रही है जहां नालियां समय पर साफ नहीं होतीं जगह जगह कचरे के ढेर लगे हैं और कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सरपंच और जिम्मेदारों को शिकायत करने के बावजूद नल जल योजना शुरू नहीं कराई गई और केवल कुछ घरों में ही पानी की सप्लाई हो रही है जबकि पूरे गांव में व्यवस्था ठप पड़ी है।
अब ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तत्काल हस्तक्षेप कर योजना को शुरू कराया जाए हैंडपंपों को अतिक्रमण से मुक्त किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो ताकि गांव को पीने के साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा मिल सके।

