मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की ओर से अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी सामने आई है। तेहरान ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की गई तो इजरायल के डिमोना परमाणु ठिकाने पर हमला किया जाएगा। ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी ISNA ने एक ईरानी सैन्य अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लगातार ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर बयान दे रहे हैं।
हालांकि कुछ अधिकारियों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप अचानक अपनी शर्तें पूरी होने की बात कहकर युद्ध से पीछे भी हट सकते हैं। लेकिन इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक ईरान में सरकार बदलने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती।
जिस डिमोना परमाणु साइट को लेकर ईरान ने चेतावनी दी है, उसे आधिकारिक तौर पर शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर कहा जाता है। यह इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में स्थित बेहद गोपनीय परमाणु केंद्र है। बताया जाता है कि इसका निर्माण फ्रांस की तकनीकी मदद से किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यही केंद्र इजरायल के परमाणु हथियार कार्यक्रम का मुख्य आधार है। माना जाता है कि यहां प्लूटोनियम का उत्पादन होता है, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में किया जाता है। हाल के समय में सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर यह भी दावा किया गया है कि इस साइट पर फिर से निर्माण कार्य चल रहा है।
यह इलाका दुनिया के सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक माना जाता है और इसकी सुरक्षा इतनी कड़ी है कि इसके ऊपर से विमान उड़ाना भी प्रतिबंधित है। वहीं अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों का कहना है कि ईरानी सरकार इस समय हालात को संभालने में जूझ रही है। इसकी वजह न केवल शीर्ष सरकारी और सैन्य नेताओं को हुआ नुकसान है, बल्कि मिड-लेवल कमांडरों, फील्ड यूनिट्स और कमांड सेंटर्स पर हुए हमले भी हैं।
मध्य-पूर्व में लगातार बढ़ते इस तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं।

